मुंबई, 11 जुलाई (वार्ता) वैश्विक व्यापार परिदृश्य को लेकर व्याप्त अनिश्चितताओं और स्थानीय शेयर बाजारों में लगातार गिरावट के बीच अंतर बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के समक्ष रुपया करीब 27 पैसे नीचे आ गया।
अमेरिका में कनाडा के सामानों पर 35 प्रतिशत की दर से आयात शुल्क लगाने और ब्रिक्स के सदस्य देशों पर 10 प्रतिशत का दंडात्मक प्रशुल्क लगाने की अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की घोषणाओं से व्यापार को लेकर अनिश्चिततायें बढ़ गयी हैं। इस बीच स्थानीय शेयर बाजारों में गिरावट का सिलसिला आज तीसरे दिन भी बना रहा।
इस बीच, प्रमुख विदेशी मुद्राओं के समक्ष अमेरिकी डॉलर में लगातार तेजी बनी हुई है।
डॉलर भारतीय रुपये के खिलाफ मजबूत होकर 85.8536 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। कल बंद के समय डॉलर का भाव 85.5780 था।
भारतीय मुद्रा के साथ अन्य प्रमुख मुद्राओं की विनिमय दर इस प्रकार रही: पौंड (ब्रिटेन) 116.2853 रुपये, यूरो 100.2850 रुपये और जापानी येन (प्रति सैकड़ा) 58.45 रुपये।
एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी के वाइस प्रेसिडेंट रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी ने कहा कि पूँजी बाजार में कमजोरी के साथ-साथ सोने और चाँदी की ऊँची कीमतों और कमजोर वैश्विक संकेतों ने रुपये के प्रति बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा ब्राज़ील और कनाडा के माल पर अमेरिका में ऊंची दर से प्रशुल्क लगाने से अनिश्चितता बढ़ गयी है और जब तक काेई रचनात्मक व्यापार वार्ता नहीं होती, बाजार में सतर्कता रहेगी। उन्होंने कहा कि डॉलर सूचकांक के 96.50 से बढ़कर 97.75 होने से भी भारत जैसे उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव बढ़ा है। उनकी राय में रुपया आने वाले दिनों में 85.25 से 86.20 रुपये प्रति डॉलर के दायरे में रह सकता है।
इस बीच, स्थानीय सराफा बाजार में सोने की कीमतें में तेजी बनी रही और पीली धातु 700 की बढ़त के साथ 97,375 प्रति 10 ग्राम पर मजबूत रही। अमेरिका के साथ भारत की व्यापार वार्ताओं को लेकर अनिश्चितता बने रहने से सोने का समर्थन मिल रहा है।
विश्लेषकों के अनुसार स्थानीय बाजार में सोने को इस समय 95,000-95,500 के दायरे में बाजार का अच्छा समर्थन है लेकिन 99,500 के आसपास प्रतिरोध देखा जा रहा है।
