सतना : पिछले कुछ समय से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित प्राचीन मंदिर लगातार चोरों के निशाने पर बने हुए हैं. हलांकि उनमें से इक्का-दुक्का छुटपुट घटनाओं का खुलासा भी हुआ है. लेकिन इसके बावजूद भी लचर महसूस होती जिले की कानून-व्यवस्था का फायदा उठाते हुए चोरों द्वारा लगातार इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है.प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के उचेहरा थाने की परसमनियां चौकी क्षेत्र अंतर्गत पटिहट गांव में स्थित प्राचीन सत्य माता मंदिर में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने धावा बोल दिया. मंदिर का ताला तोडक़र घुसे चोरों ने माता का चांदी का छत्र, मुकुट और दान पेटी में रखी राशि पार कर दी.
मंगलवार की सुबह जब पुजारी वहां पहुंचे तो घटना की जानकारी मिली. पुलिस बल के साथ पहुंचे परसमनियां चौकी प्रभारी संतोष धुर्वे ने जब जांच शुरु की तो मालुम हुआ कि मंदिर के निकट स्थित एक किराना दुकान में भी नकदी और सामान की चोरी की घटना को अंजाम दिया गया है. जिसे देखते हुए मौके पर डाग स्कवाड बुलाकर पड़ताल कराई गई. इसी कड़ी में चोरों की तलाश को लेकर साइबर सेल की मदद भी ली जा रही है. गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही निकट स्थित रामपुर पाठा के मंदिर में भी चांदी का मुकुट और सिक्के सहित अन्य कीमती सामान चुरा लिया गया था. वहीं कुछ दिन पहले ही उचेहरा कस्बे में शिव-पार्वती मंदिर में पीतल के घंटे सहित अन्य सामान की चोरी की घटना सामने आ चुकी है.
1 लाख के ईनाम की घोषणा
जिले के सिंहपुर क्षेत्र के शिवराजपुर के प्रसिद्ध गाजीपुर देवी मंदिर में महीने भर के अंतराल में दो बार चोरी की घटना सामने आ चुकी है. पहले 2 जून की रात चोरों ने धावा बालते हुए सिंहासन की सीढिय़ों पर लगी लगभग 3 किलो चांदी पार कर दी थी. वहीं महीने भर बाद 2 जुलाई की रात एक बार फिर से मंदिर के गर्भगृह में घुसे चोरों ने सिंहासन को तोडक़र उसमें जडि़त लगभग 22 किलो चांदी उखाड़ ली, और अपने साथ ले गए. चंूकि मूल रुप से शिवराज पुर निवासी और मुंबई के उद्योगपति रुद्र प्रताप त्रिपाठी द्वारा यह सामग्री मंदिर को दान की गई थी. लिहाजा घटना की जानकारी मिलने पर उन्होंने मंदिर में चोरी के संबंध में जानकारी देने वाले को 1 लाख रु के ईनाम की घोषण कर दी
