वाशिंगटन, 14 जुलाई (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को अब अमेरिका नियंत्रित कर रहा है।
श्री ट्रंप ने ‘न्यूजमैक्स’ से बातचीत में उस समय बेहद सीधा और दोटूक जवाब दिया जब उनसे पूछा गया कि इस रणनीतिक जलमार्ग पर किसका नियंत्रण है। उन्होंने कहा, “हमारा नियंत्रण है।”
अमेरिकी राष्ट्रपति की यह टिप्पणी होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर ईरानी हमलों और क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर हुए हमलों के बाद तनाव बढ़ने के बाद आई है। उन्होंने कहा, “हम इसे नियंत्रित करते हैं। वे मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। वे ऐसी चीजें कर सकते हैं जो अच्छी नहीं हैं, लेकिन नियंत्रण हमारा ही है।”
श्री ट्रंप ने दावा किया कि हाल के अमेरिकी सैन्य अभियानों ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को पंगु बना दिया है। उन्होंने कहा, “हमने उनके अधिकांश रडार, उनके बहुत सारे गोला-बारूद, उनके कई मिसाइल लॉन्चरों को नष्ट कर दिया है। हमने उनके ड्रोन मार गिराए हैं। हमने उनकी मिसाइलों को नष्ट कर दिया है। और हम इसे नियंत्रित करते हैं। हम ऐसा करना जारी रखेंगे।”
इससे पहले सोमवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने मंगलवार से फिर से ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी की घोषणा की थी। घोषणा के अनुसार, यह नाकाबंदी ईरान के साथ व्यापार करने वाले सभी जहाजों पर लागू होगी, चाहे वह किसी भी देश के झंडे के तहत चल रहा हो।
अमेरिका ने पहली बार 13 अप्रैल को यह नाकाबंदी लागू की थी, जिसे 17 जून को ईरान के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के बाद निलंबित कर दिया गया था।
श्री ट्रंप ने कहा, “और हम फिर से नाकाबंदी लगा रहे हैं… आप जानते हैं, वह नाकाबंदी बेहद सफल रही थी। वह दो महीने तक लागू रही और कोई भी वहां से नहीं निकल सका। हम उसे फिर से वहां लागू कर रहे हैं। हम हर किसी को वहां से जाने की अनुमति देंगे, सिवाय उनके जो ईरान के साथ व्यापार कर रहे हैं।”
श्री ट्रंप ने यह भी तर्क दिया कि खाड़ी के अरब देश अब ईरान को लेकर कम चिंतित हैं क्योंकि ईरान के सैन्य ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा, “उनकी ताकत काफी हद तक छिन चुकी है। अब उनके पास कुछ ताकत बची है, लेकिन उसे भारी नुकसान पहुंचा है।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि ईरान को अपनी सेना की कई शाखाओं में भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा, “उदाहरण के तौर पर, उनकी सेना के पास 159 जहाज थे; वे सभी 159 जहाज समुद्र में डूब चुके हैं। उनके पास 200 हवाई जहाज थे, जो अब पूरी तरह खत्म हो चुके हैं। उनकी रडार प्रणाली नष्ट हो गयी है। उनकी विमान भेदी प्रणाली खत्म हो गयी है। उनके हथियार बनाने की क्षमता भी काफी हद तक खत्म हो चुकी है।”
श्री ट्रंप ने कहा, “इसलिए, वे चार महीने पहले की तुलना में अब बिल्कुल अलग देश हैं। चार महीनों में, हमने उन्हें काफी हद तक पाषाण युग में वापस धकेल दिया है।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने हालांकि यह स्वीकार किया कि ईरान के पास अभी भी कुछ सैन्य क्षमताएं बची हैं। उन्होंने कहा, “अब, इस बात को ध्यान में रखते हुए, उनके पास कुछ मिसाइलें और थोड़ी-बहुत क्षमता बची है। लेकिन उन्हें काफी हद तक एक अलग समय चक्र में वापस धकेल दिया गया है। ईरान पश्चिमी एशिया का दबंग बना हुआ था। वे मेरे सामने अपनी दबंगई नहीं दिखा सकते थे।”
