
दमोह। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कलेक्टर कार्यालय के कक्ष क्रमांक 10 (व्यारमा) में आयोजित जनसुनवाई में जिले के दूरदराज क्षेत्रों से आये आवेदकों की समस्याओं को सुना। इस दौरान सामान्य जनसुनवाई में 312 आवेदनों पर सुनवाई करते हुये संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिये।जनसुनवाई में 17 आधार अपडेशन एवं 110 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही जनसुनवाई के दौरान कुछ सामूहिक आवदेन भी दिए गए। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत प्रवीण फुलपगारे, अपर कलेक्टर राकेश मोहन त्रिपाठी, एसडीएम सौरभ गंधर्व, डिप्टी कलेक्टर रचना प्रजापति, लोकसेवा प्रबंधक चक्रेश पटेल सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।
*अधिकारियों को कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने दिए निर्देश*
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए कहा पंजीकृत 312 आवेदनों के अलावा 30-40 अपंजीकृत आवेदन भी प्राप्त हुए। इस प्रकार लगभग 350 आवेदनों पर एक-एक कर सुनवाई की गई और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा सबसे अधिक आवेदन राजस्व विभाग से संबंधित रहे, जिनका नियमानुसार एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर श्री यादव ने कहा जनसुनवाई के दौरान एक दिव्यांगजन ने वर्ष 2001 से लंबित भूमि संबंधी प्रकरण प्रस्तुत किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक (आरआई) को बुलाकर रिकॉर्ड की जांच कराई। जांच में संबंधित भूमि मंदिर की सार्वजनिक ट्रस्ट संपत्ति पाई गई। इसके बाद प्रकरण के परीक्षण एवं नियमानुसार कार्रवाई के लिए संबंधित एसडीएम को निर्देशित किया गया।
स्वास्थ्य विभाग के एएनएम एवं एमपीडब्ल्यू कर्मचारियों ने ‘सार्थक ऐप’ पर उपस्थिति दर्ज करने में आ रही तकनीकी कठिनाइयों की जानकारी दी। इस पर उन्होने तत्काल ई-गवर्नेंस मैनेजर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को बुलाकर कर्मचारियों का प्रशिक्षण कराया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी कहीं से भी उपस्थिति दर्ज कर सकते हैं, लेकिन ऐप लोकेशन दर्ज करेगा और ड्यूटी स्थल के अनुरूप होने पर ही उपस्थिति मान्य होगी।
जनसुनवाई में किसानों ने गेहूं एवं चना उपार्जन का भुगतान लंबित होने की शिकायत भी दर्ज कराई। इस पर कलेक्टर ने एआरसीएस को तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रारंभिक जांच में पिपरिया चंपत सोसायटी से जुड़े 13 किसानों के भुगतान में वेयरहाउस स्तर पर माल जमा न होने अथवा शॉर्टेज के कारण बाधा सामने आई। उन्होने निर्देश दिए कि संबंधित सोसायटी के कमीशन से राशि समायोजित कर किसानों का भुगतान शीघ्र कराया जाए।
कलेक्टर श्री यादव ने कहा प्रशासन का लगातार प्रयास है कि प्रत्येक शिकायत का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण हो। उन्होंने कहा बोनी के व्यस्त कृषि सीजन के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों का जनसुनवाई में पहुंचना प्रशासन के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रमाण है, क्योंकि लोगों को अपने आवेदनों के समयबद्ध निराकरण की उम्मीद है।
