धुआं-धुआं हुआ मिडिल ईस्ट… बहरीन-कुवैत और जॉर्डन पर बरसीं तेहरानी मिसाइलें, US ने भी ईरान पर बरसाए बम

अमेरिका ने ईरान पर लगातार तीसरी रात भीषण बमबारी की है। होर्मुज में नौसैनिक नाकेबंदी और ईरान के जवाबी हमलों ने खाड़ी देशों में युद्ध जैसी स्थिति पैदा कर दी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त निर्देशों के बाद, अमेरिकी सेना ने लगातार तीसरी रात ईरान के विभिन्न सैन्य ठिकानों पर विनाशकारी हवाई हमले किए हैं। इन हमलों ने न केवल ईरान के सैन्य बुनियादी ढांचे को हिला दिया है बल्कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से लेकर पूरे खाड़ी क्षेत्र में जंग की चिंगारी को हवा दे दी है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान की उस क्षमता को नष्ट करना है जिसके जरिए वह वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाता रहा है।

अमेरिकी ठिकानों पर भीषण हमला
अमेरिका की इस कार्रवाई के जवाब में ईरान ने भी आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। ईरानी मीडिया और सैन्य सूत्रों ने दावा किया है कि उन्होंने क्रूज मिसाइलों के जरिए एक अमेरिकी जहाज को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है।

इसके साथ ही, ईरान ने बहरीन, कुवैत, कतर और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी और उनके सहयोगी देशों के सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से कई मिसाइलों को बीच रास्ते में नष्ट कर दिया गया है।

होर्मुज में फिर लागू हुई समुद्री नाकाबंदी
यूएस सेंटकॉम ने 14 जुलाई की शाम से ईरानी बंदरगाहों की पूर्ण नौसैनिक नाकाबंदी शुरू करने की घोषणा की है। इस आदेश के तहत ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले या वहां से आने वाले सभी जहाजों की कड़ी निगरानी और रोकथाम की जाएगी।

राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि जो देश या जहाज इस नाकाबंदी का उल्लंघन करेंगे, उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। अमेरिकी नौसेना के 20 से अधिक युद्धपोत वर्तमान में खाड़ी क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं, जो क्षेत्र में बढ़ती सैन्य मौजूदगी का प्रमाण है।

बंदर अब्बास और किश द्वीप पर भीषण धमाके
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण किश द्वीप पर कई शक्तिशाली विस्फोटों की आवाजें सुनी गई हैं। अमेरिका ने पहली बार सी-ड्रोन और ‘कॉर्सयर’ मानवरहित जहाजों का उपयोग करके बंदर अब्बास नौसैनिक अड्डे पर हमला किया, जिससे ईरान के पनडुब्बी और जहाज रखरखाव केंद्रों को भारी क्षति पहुंची है। ईरान ने भी जवाब में अपना एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिया है।

कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल
इस सैन्य टकराव का असर केवल युद्ध क्षेत्र तक सीमित नहीं है। खाड़ी में जारी इस अस्थिरता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। यमन के हूती विद्रोहियों ने भी इस आग में घी डालने का काम किया है, जिन्होंने सऊदी अरब के अब्हा एयरपोर्ट पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला कर अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को चेतावनी जारी की है।

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