सिंगरौली : बरगवां नगर परिषद क्षेत्र में भारी वाहनों से कथित स्टैंड शुल्क वसूली को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टरों ने वसूली प्रक्रिया की वैधता पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि वायरल वीडियो की पुष्टि नवभारत नही करता है।
स्थानीय ट्रक चालकों का कहना है कि नगर परिषद द्वारा निर्धारित स्टैंड या पार्किंग सुविधा का उपयोग नहीं करने के बावजूद फोरलेन मार्ग से गुजरने वाले वाहनों से शुल्क लिया जा रहा है। उनका सवाल है कि आखिर किस नियम या आदेश के तहत इस प्रकार की वसूली की जा रही है। वाहन चालकों का आरोप है कि इसी मुद्दे को लेकर ठेकेदार के कर्मचारियों और चालकों के बीच आए दिन कहासुनी होती रहती है।
बीते शनिवार को भी बरगवां में वसूली को लेकर दोनों पक्षों के बीच जमकर तू-तू, मैं-मैं हुई, जिससे कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि बाद में मामला शांत हो गया। वायरल वीडियो में कथित रूप से कुछ लोग ट्रकों से राशि लेते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में यह दावा भी किया जा रहा है कि वसूली नगर परिषद के नाम पर की जा रही है, लेकिन इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जबरन वसूली की पुष्टि हुई तो ठेका होगा निरस्त
इधर बरगवां नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी अमित सिंह ने बताया कि वाहन स्टैंड की वसूली का ठेका नियमानुसार आरके सिंह को दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल निर्धारित स्थान और नियमों के तहत ही स्टैंड शुल्क वसूला जा सकता है। यदि जांच में ठेकेदार या उसके कर्मचारियों द्वारा नियमों के विपरीत अथवा जबरन वसूली की पुष्टि होती है तो ठेका निरस्त करने सहित नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल वाहन संचालक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह के विवाद की पुनरावृत्ति न हो।
