सरई : तहसील सरई के हल्का पटवारी गन्नई को लेकर नया विवाद सामने आया है। विस्तृत शिकायत पत्र में कथित जनपद सदस्य एवं भाजपा मंडल अध्यक्ष सहित कुछ प्रभावशाली लोगों पर शास. भूमि, राजस्व मामलों और भूमि खरीद-फरोख्त से जुड़े गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।शिकायतकर्ताओं का दावा है कि पटवारी द्वारा न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए शासकीय भूमि को शासन के नाम दर्ज किए जाने और अवैध कब्जों पर कार्रवाई के बाद उन्हें लगातार झूठी शिकायतों के जरिए निशाना बनाया जा रहा है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ग्राम गन्नई में वर्षों से भूमि की खरीद-फरोख्त में बिचौलियागिरी कर भोले-भाले ग्रामीणों, विशेषकर आदिवासी परिवारों को गुमराह कर उनकी जमीनों का कथित रूप से सौदा कराया गया। कई मामलों में भूमि स्वामियों को पूरी राशि तक नहीं मिलने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत में पंचायत के विकास कार्यों में हस्तक्षेप, प्रतिशत की मांग, शास. भूमि पर कथित अतिक्रमण कराने, राजस्व अधिकारियों पर दबाव बनाने, कर्मचारियों से अवैध वसूली और विरोध करने वालों को स्थानांतरण की धमकी देने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं।
शासकीय भूमि पर कब्जा करने का मामला
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि एक कथित फर्जी पट्टे की शिकायत पहले रीवा संभागायुक्त से की गई थी। इसके बाद मामला उच्च न्यायालय, जबलपुर पहुंचा, जहां सुनवाई के बाद संबंधित पट्टा निरस्त हुआ। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में संबंधित भूमि को म.प्र. शासन के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज किया गया। आरोप है कि इसी कार्रवाई के बाद शासकीय भूमि पर कब्जा करने वाले और कथित भू-माफिया सक्रिय हो गए तथा पटवारी को हटाने के लिए लगातार शिकायतें कर रहे हैं। शिकायत में कुछ स्थानीय नेताओं और कथित दलालों को संरक्षण मिलने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने तथा राजस्व अधिकारियों को अनावश्यक दबाव से मुक्त कर निष्पक्ष कार्य करने का वातावरण उपलब्ध कराने की मांग की है। इन आरोपों पर संबंधित जनप्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है।
