
जबलपुर। सिहोरा थाना अंतर्गत बडग़ैया स्थित फाइनेंशियल कंपनी में लाखों का गबन हुआ। मैनेजरों ने विश्वासघात करते हुए 34 महिलाओं से उनके लोन की किश्तों को लेकर कंपनी में जमा न करते हुए हड़प ली। लाखों रूपए का फर्जीवाड़ा करने वाले आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।
पुलिस के मुताबिक गोविंद रजक, ब्रांच मैनेजर भारत फाईनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड सिहोरा द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई कि कंपनी रिजर्व बैक आँफ इंडिया (आरबीआई) के अनुमोदन के साथ भारत में बैंकिंग कारोबार कर रही है। भारत फाइनेंशियल इनक्लूजन लिमिटेड शाखा सिहोरा में स्थापित है जिनके द्वारा महिलाओं को सामूहिक लोन शुरुआत 35,000 रुपये से लेकर 1,25000 रुपये का फायनेंस कम्पनी के द्वारा किया जाता है जो किस्त की वसूली भारत फाइनेंशियल इनक्लूजन लिमिटेड में संगम मैनेजर गांव-गांव जाकर समूहों को दिये गये लोन की किस्त लेते हैं, और कम्पनी द्वारा दिये गये टैब के माध्यम आनलाईन एंट्री करते है और आनलाईन टैब में किस्त की रकम प्रदर्शित होने पर संगम मैनेजर के द्वारा ग्राहको से कलेक्ट की हुई कंपनी में जमा कराई जाती थी। सिहोरा ब्रांच के संगम मैनेजर आकाश रजक निवासी बडख़ेरा सिहोरा ने कंपनी के 16 ग्राहकों से किस्त का पैसा लेकर कंपनी में जमा नही किया है इसी प्रकार संगम मैनेजर रत्नेश तिवारी निवासी खलौदा कटनी ने भी 18 ग्राहकों से किस्त का पैसा लेकर कंपनी में जमा नहीं किया है।
आकाश ने 3.40 लाख वसूले, जमा किए 94 हजार
जांच में पाया गया कि कंपनी कर्मचारी अकाश रजक ने मनीषा कोरी, मानसी बर्मन, ऊषाबाई विश्वकर्मा, अर्चना कोल, फम्मीबाई यादव, प्रीति यादव, आसमीन बी, गंगोबाई वसोर, वंदनाबाई भूमिया, पूर्णिमा बैरागी, बबीता रैदास, द्रोपदी बाई कोल, अनीता बाई कोल, कमला बाई, सीमा दाहिया, दिब्या गोंटिया से लोन की राशि कुल 3,40,094 रुपये वसूले। जिसमें से 94,064 रुपये शाखा में जमा किया है शेष राशि 2,46,030 रूपए हड़प लिए।
रत्नेश ने 18 महिलाओं की किश्त नहीं की जमा-
इसी प्रकार रत्नेश तिवारी ने अनिता गोड़, गोमती काछी, कंचन चमार, खुशनुमा बी, ललिता बाई चौधरी, माया बाई विश्वकर्मा, मायाबाई चमार, मीना बर्मन, नेहा चौधरी, निर्मलाबाई लोधी, फूलबाई चौधरी, प्रीति श्रीवास, शहनाज बी, सकुनबाई कोल, सीताबाई कोल, सुम्मी कोल, सुनंदा कोल, याशमीन अहमद से कुल किस्त के 1,44,180 रूपए वसूले लेकिन कंपनी में जमा नहीं किए।
