
ओंकारेश्वर परिक्रमा मार्ग स्थित वार्ड नंबर 10 मैं पिछले कई महीनों से लगातार तेंदुए का मूवमेंट देखा जा रहा है। परिक्रमा मार्ग के सिद्धनाथ मंदिर के पास गायत्री गौशाला, गौरी सोमनाथ मंदिर, एकात्मक धाम मार्ग पर लगातार तेंदुए की उपस्थिति देखी गई इसके फोटो और वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए। कल रात रोंगटे खड़ी कर देने वाली घटना में रात 2:00 बजे तेंदुए ने घर के बाहर बंधी बकरी को दबोच लिया।
आवाज सुन पास में ही सो रहे परिवार के महेश ने कुत्ता समझ भगाया , उठकर पास जाने पर तेंदुआ नजर आया। जोर से चिल्लाने पर बकरी को छोड़ भाग गया।ऋण मुक्तेश्वर मंदिर के पास रहने वाले महेश नरगाया ने बताया कि रात 2:00 बजे आवाज सुन मेरी नींद खुली। हम परिवार के सभी लोग बाहर ही सो रहे थे। खड़े होकर देखने पर गधा कुत्ता जैसा नजर आया। मैं उसे भगाने के लिए हट-हट करते हुए आगे बढ़ा ।
जब उसने मुंह मेरी तरफ किया, मैं जोर से चिल्लाया तेंदुआ है रे तेंदुआ। तब वह चलांग मारते हुए बकरी को छोडक़र जंगल की तरफ भाग गया।मौके पर पहुंचे डिप्टी रेंजर आनंदराम खांडे ने बताया कि इस बेल्ट में बाघ नगर से लेकर बखतगढ़ तक पहुंचे 5-6 तेंदुए है। कावेरी नदी पार कर इधर आ जाते हैं। परिक्रमा मार्ग में हमने चेतावनी के वोट लगाए हैं लोगों से रात में अनावश्यक घर से बाहर न निकलने और घर से बाहर न सोने के लिए चेतावनी दी है। पुनासा के पशु चिकित्सक डॉक्टर दिनेश पिपलानी द्वारा मृत बकरी का पंचनामा बनाकर आर्थिक मुआवजे कार्रवाई की गई है।यहां रहने वाले परिवारों ने बताया कि यहां मार्ग पर स्ट्रीट लाइट नहीं है और बिजली रहती है। परिक्रमा मार्ग के सभी कुत्ते गायब हो गए हैं । पहले जंगली सुअर भी अधिक संख्या में देखे जाते थे किंतु अब नहीं दिखते।
