कारगिल विजय दिवस सैनिकों के अदम्य साहस से प्रेरणा लेने का अवसर: शेखावत

जोधपुर, 12 जुलाई (वार्ता) केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा है कि ‘कारगिल विजय दिवस’ देश को याद दिलाता है कि जिस आजादी को लाखों लोगों के बलिदान से प्राप्त किया गया, उसकी रक्षा हमारे सैनिकों के त्याग, तप और बलिदान से संभव हुई है। यह केवल एक तिथि नहीं, अपितु सैनिकों के अदम्य साहस, अटल संकल्प, राष्ट्र के प्रति समर्पण और सर्वोच्च बलिदान से प्रेरणा लेने का अवसर है।

श्री शेखावत रविवार को यहां प्रेस वार्ता में बोल रहे थे। क्रीड़ा भारती जोधपुर प्रांत आगामी 26 जुलाई को ‘कारगिल विजय दिवस’ के रूप में मनाएगा और श्री शेखावत को आयोजन समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। उन्होंने उन्हें आयोजन समिति का अध्यक्ष बनाए जाने पर आभार जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा एक बात कहते हैं, “जो देश अपने वीरों का सम्मान नहीं करता, वह कभी महान नहीं हो सकता।” वीरों का सम्मान और नायकों पर गर्व ही किसी राष्ट्र को महान बनाता है।

उन्होंने कहा कि 26 जुलाई को ‘कारगिल विजय दिवस’ कार्यक्रम में तोलोलिंग, टाइगर हिल, प्वाइंट 5140 और श्रीपिंगा जैसी महत्वपूर्ण चोटियों पर भारतीय सेना द्वारा प्रदर्शित अद्वितीय शौर्य को प्रतीकात्मक रूप से सजीव किया जाएगा ताकि आमजन उन कठिन परिस्थितियों का अनुभव कर सकें, जिनमें भारतीय सैनिकों ने विजय प्राप्त की थी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में कारगिल के शहीदों और सैनिकों का सम्मान करने के साथ-साथ युद्ध के ज्ञात एवं अज्ञात सीमा प्रहरियों के प्रति सामूहिक कृतज्ञता भी व्यक्त की जाएगी।

श्री शेखावत ने कहा कि क्रीड़ा भारती द्वारा लगातार दूसरे वर्ष इस आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को सैनिकों के शौर्य और राष्ट्रभक्ति की भावना से जोड़ना है। इसे राष्ट्रीय जनजागरण का अभियान बनाना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रभक्ति केवल सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है। आंतरिक सुरक्षा के लिए किए गए प्रयास भी इस दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री अमित शाह के प्रयासों से देश में 250 से अधिक जिलों में फैल चुके नक्सलवाद जैसी आंतरिक चुनौती पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है, जिससे देश में सुरक्षा, शांति और स्थिरता का वातावरण बना है।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में दो हजार से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है। इसमें सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, पूर्व सैनिक, विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी, क्रीड़ा भारती के कार्यकर्ता तथा समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता रहेगी। राजस्थान सरकार के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग स्वागत समिति के अध्यक्ष हैं, जबकि कार्यक्रम के संयोजक नवीन मोहनोत हैं।

उन्होंने एकल उपयोग प्लास्टिक के लिए जनभागीदारी को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि इसी दृष्टिगत इस बार कार्यक्रम के साथ प्लास्टिक मुक्त भारत का संदेश भी जोड़ा गया है। भारत में प्रति व्यक्ति प्लास्टिक की खपत विकसित देशों की तुलना में काफी कम है। अमेरिका में प्रति व्यक्ति खपत 120 किलो से ज्यादा है, यूरोपीय देशों में लगभग 90 किलो प्रति व्यक्ति सालाना है। चीन में 56 किलो के आसपास है और भारत में यह लगभग 11 किलो है, लेकिन हमारे देश में प्लास्टिक कचरे की समस्या अधिक है, क्योंकि उसके उचित निस्तारण के प्रति जिम्मेदारी का अभाव है। इसलिए सिंगल यूज प्लास्टिक के इस युद्ध से सामान्य मानवीय का जुड़ना बहुत आवश्यक है।

 

 

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