
नयी दिल्ली 12 जुलाई (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा है कि भारत हिंद-प्रशांत और हिंद महासागर में स्थिरता लाने वाली ताकत के तौर पर उभरा है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसे आगे बढ़ा रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने रविवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरे के बारे में जानकारी दी। उन्होंने श्री मोदी के दौरे को ’10 कदम, 10 का दम’ नाम दिया और कहा कि प्रधानमंत्री तीन देशों इंडोनेशिया, आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पर गये थे। इससे पहले वह सेशेल्स भी गये थे और बीच में जापान की राष्ट्राध्यक्ष भारतवर्ष आई थीं। उन्होंने कहा कि श्री मोदी यात्रा के दौरान कई समझौते हुए जिनमें हिंद महासागर और हिंद-प्रशांत रणनीतिक गठबंधन, रक्षा और समुद्री सहयोग, महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और शैक्षिक साझेदारी, खेल और लोगों के बीच आपसी संबंध को मजबूत करने जैसे समझौते शामिल हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री के प्रति विशेष सम्मान और शिष्टाचार, सभ्यतागत और सांस्कृतिक साझेदारी और आर्थिक तथा निवेश के नतीजों को लेकर बातचीत हुई।
उन्होंने कहा कि आज भारत हिंद महासागर और हिंद-प्रशांत रणनीतिक गठबंधन में स्थिरता लाने वाली एक ताकत बन गया है। कितने देशों में राष्ट्राध्यक्ष बदले, सभी देशों की नीतियों में कितना बदलाव आया, कितनी उथल-पुथल हुई, लेकिन भारत ने दुनिया को स्थिरता दिखायी है। उन्होंने कहा कि इस तरह भारत हिंद-प्रशांत और हिंद महासागर में स्थिरता लाने वाली ताकत के तौर पर उभरा है और श्री मोदी इसी को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि श्री मोदी के दौरे के दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर हस्ताक्षर किए गये हैं। उन्होंने बताया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के युद्धपोतों की सर्विसिंग एक-दूसरे के डॉकयार्ड में की जाएगी। अगर युद्धपोतों की मरम्मत की ज़रूरत पड़ती है, तो भारतीय जहाज़ ऑस्ट्रेलिया में डॉक कर मरम्मत करवा सकेंगे। यह समुद्री सहयोग की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है।
भाजपा प्रवक्ता ने बताया कि भारत और न्यूज़ीलैंड मिलकर ‘रोडमैप 2030’ तैयार करेंगे, इस पर सममति बनी है। इसमें रक्षा, व्यापार, तकनीक और शिक्षा शामिल होंगे। न्यूज़ीलैंड के साथ सबसे बड़ी रणनीतिक उपलब्धि ‘मुक्त व्यापार समझौता’ रही। यह समझौता कई सालों से नहीं हो पाया था, जो अब हो गया है। साथ ही, यह भी तय किया गया कि इसे जल्द से जल्द लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि श्री मोदी के दौरे के दौरान भारतीय नौसेना और न्यूज़ीलैंड रक्षा बलों के बीच एक समझौता हुआ है। वे मिलकर काम करेंगे और समुद्री सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गये हैं। इस दौरान उन्होंने एक तस्वीर दिखाते हुए कहा, “मैं आपको इस मैप पर दिखाना चाहता हूँ कि जब प्रधानमंत्री इंडोनेशिया गए थे, तो वहाँ के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो ने सबांग बंदरगाह के एकीकृत विकास में बहुत दिलचस्पी दिखायी थी। मैंने कहा था कि इस इलाके में इसका रणनीतिक और सामरिक महत्व है।” इस दौरान उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा, “कुछ दिन पहले आपने देखा होगा कि कैसे श्री गांधी चीनी एजेंट बनकर अंडमान-निकोबार पहुँचे और भारत के खिलाफ बयान दिये… सबांग बंदरगाह यहीं बनाया जाएगा। जब यहाँ सबांग बंदरगाह बन जाएगा, तो मलक्का जलडमरूमध्य (जो एक बहुत ताकतवर जलडमरूमध्य है और समुद्री जहाजों के लिए बहुत व्यस्त रास्ता है) मलक्का जलडमरूमध्य भी एक बहुत व्यस्त समुद्री राजमार्ग बन जाएगा। यहाँ से बहुत ज़्यादा व्यापार होगा। सिर्फ़ व्यापार ही नहीं, बल्कि सुरक्षा के नज़रिए से भी यह बहुत महत्वपूर्ण है। “
