इंदौर: मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी फल एवं सब्जी मंडियों में शामिल चोइथराम मंडी इन दिनों गंदगी और अव्यवस्थित सफाई व्यवस्था के कारण चर्चा का विषय बनी हुई है. मंडी परिसर में जगह-जगह सड़ी-गली सब्जियों के ढेर लगे होने से वातावरण दूषित हो रहा है. तेज दुर्गंध के कारण किसानों, व्यापारियों, हम्मालों और खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मंडी की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं, लेकिन अब तक स्थिति में कोई उल्लेखनीय सुधार दिखाई नहीं दे रहा है.
जानकारी के अनुसार मंडी में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में फल और सब्जियों की आवक होती है. इनमें से खराब और अनुपयोगी हो चुकी सब्जियां खुले में ही फेंक दी जाती हैं. समय पर उनका उठाव और उचित निस्तारण नहीं होने के कारण वे सड़ने लगती हैं, जिससे पूरे परिसर में दुर्गंध फैल जाती है. बरसात के मौसम में यह समस्या और अधिक गंभीर हो गई है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. मंडी में व्यापार करने वाले लोगों का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होने के कारण कचरे के ढेर लगातार बढ़ते जा रहे हैं. कई स्थानों पर नालियां भी गंदगी से भरी हुई हैं, जिससे स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित होती दिखाई दे रही है. किसानों का कहना है कि प्रदेश की सबसे बड़ी मंडी होने के बावजूद यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव चिंता का विषय है.
स्वच्छता पर नहीं देते ध्यान
प्याज लेकर मंडी पहुंचे किसान रामेश्वर पाटीदार ने बताया कि जब भी वे अपनी उपज लेकर चोइथराम मंडी आते हैं, उन्हें लगभग यही स्थिति देखने को मिलती है. उनके अनुसार मंडी परिसर में स्वच्छता पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता और सड़ी-गली सब्जियों से उठने वाली दुर्गंध के बीच काम करना मजबूरी बन गया है. उन्होंने कहा कि प्रशासन को नियमित सफाई और कचरे के त्वरित निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि किसानों और व्यापारियों को स्वच्छ वातावरण मिल सके.
नियमित सफाई की जाए
किसानों और व्यापारियों ने मंडी प्रशासन से मांग की है कि परिसर की नियमित सफाई, कचरा प्रबंधन और सड़ी-गली सब्जियों के तत्काल उठाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. उनका कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं.
