
उज्जैन.सिंहस्थ की तैयारियों में रेलवे की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। महाकुंभ के दौरान देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु रेलमार्ग के माध्यम से उज्जैन पहुंचेंगे। इसे देखते हुए रेलवे स्टेशन और उससे जुड़े मार्गों का उन्नयन, स्टेशन को राज्य शासन द्वारा विकसित की जा रही नई सड़कों से जोड़ना, रेलवे स्टेशन पर पर्याप्त जलापूर्ति व्यवस्था उपलब्ध कराना, यात्री सुविधाओं का विस्तार तथा अन्य आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने जैसे कार्य प्राथमिकता से किए जा रहे हैं।
सिंहस्थ की तैयारियों को गति देने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्टर कार्यालय स्थित प्रशासनिक संकुल भवन में रेलवे विभाग एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य रेलवे से जुड़े निर्माण कार्यों को अन्य विभागों की परियोजनाओं के साथ समन्वित करते हुए समय-सीमा में पूरा करना तथा निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न होने देना था।
विश्व स्तरीय सुविधाएं
महाकाल की नगरी उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियां तेज गति से चल रही हैं। देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल इस महापर्व में लगभग 50 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान है। श्रद्धालुओं को बेहतर और विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य शासन द्वारा करीब 30 हजार करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास एवं अधोसंरचना परियोजनाओं पर कार्य कराया जा रहा है। इनमें सड़क, पुल, रेलवे, पेयजल, विद्युत, यातायात, शहरी विकास और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े अनेक निर्माण कार्य शामिल हैं।
ये रहे मौजूद
बैठक में कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, रेलवे के वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय) पीयूष पाण्डेय, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, उज्जैन विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप सोनी सहित नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
नियमित संवाद जरूरी
रेलवे लाइन के ऊपर और नीचे प्रस्तावित रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) तथा रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) के निर्माण कार्यों की प्रगति और तकनीकी पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं में रेलवे, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, उज्जैन विकास प्राधिकरण तथा विद्युत विभाग सहित कई एजेंसियां एक साथ कार्य कर रही हैं। ऐसे में यह आवश्यक है कि सभी विभाग नियमित संवाद बनाए रखें, तकनीकी समन्वय के साथ निर्णय लें और किसी भी स्तर पर समन्वय के अभाव के कारण विकास कार्य प्रभावित न हों।
दुर्घटना ना हो
रेलवे ट्रैक के समीप संचालित निर्माण कार्यों में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि जहां भी रेलवे क्षेत्र के निकट निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, वहां सुरक्षा बैरिकेडिंग (फेंसिंग) लगाकर ही कार्य किया जाए, ताकि निर्माण कार्य के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना या रेल संचालन में व्यवधान की स्थिति उत्पन्न न हो।
बेहतर समन्वय पर जोर
नगर निगम, उज्जैन विकास प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग और विद्युत विभाग से जुड़े कार्यों के साथ रेलवे परियोजनाओं के बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने इस बात पर सहमति जताई कि समय-समय पर संयुक्त बैठकें आयोजित कर परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक समस्या का त्वरित समाधान किया जाएगा।
देश की प्रतिष्ठा से जुड़ा आयोजन
संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह ने कहा कि सिंहस्थ-2028 केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेश और देश की प्रतिष्ठा से जुड़ा महाआयोजन है। इसे सफल बनाने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, सुरक्षा और निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि सिंहस्थ-2028 से पहले सभी परियोजनाएं पूर्ण होकर श्रद्धालुओं को बेहतर और सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
