भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव में प्रत्याशी बदलने के बाद भाजपा के भीतर उभरे असंतोष को शांत करने के लिए पार्टी ने डैमेज कंट्रोल की कवायद शुरू कर दी है। पूर्व गृह मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल से मुलाकात की। इस दौरान दतिया की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, कार्यकर्ताओं की नाराजगी और उपचुनाव की रणनीति पर चर्चा हुई।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में दतिया में टिकट परिवर्तन के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों, राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर लगाए गए जाम और पार्टी पदाधिकारियों के सामूहिक इस्तीफों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। डॉ. मिश्रा ने भरोसा दिलाया कि वह स्वयं अपने समर्थकों से संवाद कर पार्टी के निर्णय का सम्मान करने और विरोध समाप्त करने की अपील करेंगे।
इधर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी कार्यकर्ताओं को बड़ा संदेश देते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन करने वाले किसी भी कार्यकर्ता या पदाधिकारी के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने नाराजगी में इस्तीफे दिए हैं, उनके इस्तीफे भी स्वीकार नहीं किए जाएंगे। पार्टी सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर उपचुनाव लड़ेगी।
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि चुनाव के समय संगठन की एकजुटता सर्वोच्च प्राथमिकता है। यही कारण है कि नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं को मनाने के साथ-साथ उन्हें सम्मानजनक संदेश देने की रणनीति अपनाई जा रही है।
राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को भाजपा के डैमेज कंट्रोल अभियान का अहम हिस्सा माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा की अपील और प्रदेश नेतृत्व के आश्वासन के बाद दतिया में कार्यकर्ताओं की नाराजगी कितनी जल्दी खत्म होती है और पार्टी किस हद तक एकजुट होकर उपचुनाव में उतरती है।
