
भोपाल। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) भोपाल ने “सह-समृद्धि–कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन के माध्यम से मूल्य सृजन” विषय पर वेंडर मीट-2026 का आयोजन कर लागत अनुकूलन, स्वदेशीकरण और आपूर्ति श्रृंखला को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया। लगभग 2.40 लाख करोड़ रुपये की रिकॉर्ड ऑर्डर बुक के बीच आयोजित इस बैठक में बीएचईएल ने आपूर्तिकर्ताओं के साथ दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का संदेश दिया।
बीएचईएल भोपाल के ट्रांसफॉर्मर एवं फीडर्स प्रभाग की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कार्यपालक निदेशक पी. के. उपाध्याय ने की। बैठक में ट्रांसफॉर्मर, बुशिंग, कैपेसिटर, विद्युत मशीनों और ट्रैक्शन मोटरों में उपयोग होने वाले उच्च मूल्य के कच्चे माल के प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं तथा बीएचईएल के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
अपने संबोधन में पी. के. उपाध्याय ने कहा कि गुणवत्ता सुधार, समयबद्ध आपूर्ति, नवाचार और स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने में आपूर्तिकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विक्रेताओं से बीएचईएल की त्वरित भुगतान व्यवस्था का लाभ प्रतिस्पर्धी कीमतों के रूप में ग्राहकों तक पहुंचाने का आग्रह किया तथा अगले एक दशक तक निरंतर व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
महाप्रबंधक (टीसीबी एवं फीडर्स) रूपेश तेलंग ने आयातित पुर्जों पर निर्भरता कम कर स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। वित्त, सामग्री प्रबंधन, गुणवत्ता और अभियांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी लागत प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।
तकनीकी सत्र में बीएचईएल के एकीकृत ‘सुविधा पोर्टल’ के माध्यम से डिजिटाइज्ड और सरल खरीद प्रणाली का प्रदर्शन किया गया, जिसमें विनिर्देश, निविदा प्रक्रिया, गुणवत्ता आश्वासन तथा भुगतान व्यवस्था की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का समापन संवादात्मक सत्र के साथ हुआ, जिसमें आपूर्तिकर्ताओं ने अपने सुझाव और अनुभव साझा किए। बीएचईएल ने इस अवसर पर टिकाऊ विकास और दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
