
जबलपुर। हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने आदेश के पालन में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि न्यायालय के निर्देशों का अक्षरश: पालन होना चाहिए। कोर्ट ने अवमानना याचिका का निराकरण करते हुए राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव को भविष्य में ऐसे मामलों में विलंब न होने देने के निर्देश दिये है। मामले की सुनवाई के दौरान प्रमुख सचिव राजस्व विभाग स्वयं अदालत में उपस्थित हुए। उन्होंने आदेश के पालन में हुई देरी के लिए बिना शर्त क्षमा मांगी और अतिरिक्त अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
दरअसल टीकमगढ़ निवासी राकेश सहित अन्य ने याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि संबंधित राजस्व अधिकारियों ने न्यायालय के आदेश का पालन नहीं किया और भूमि संबंधी विवाद में वैधानिक कार्रवाई लंबित रखी। इस पर हाईकोर्ट से अवमानना की कार्रवाई की मांग करते हुए दोषी अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया गया था। उक्त मामले में पूर्व आदेश के परिपालन में राजस्व पीएस हाजिर हुए। जिन्होने अनुपालन प्रतिवेदन पेश कर बताया कि 30 जून 2026 का त्रुटिपूर्ण आदेश निरस्त कर एक जुलाई 2026 को राजस्व मंडल के निर्देशों के अनुरूप नया आदेश पारित किया गया तथा याचिकाकर्ताओं के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज कर दिए गए हैं। कोर्ट को यह भी बताया गया कि लापरवाही के लिए तत्कालीन नायब तहसीलदार शिब्बू सिंह कसोरिया व प्रभारी डिप्टी कलेक्टर व एसडीओ (राजस्व) संजय दुबे को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही कलेक्टर टीकमगढ़ को वरिष्ठ अधिकारियों की जांच समिति गठित कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ गुलाटी व अधिवक्ता भानु प्रताप यादव ने पक्ष रखा, जबकि राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता एचएस रूपराह उपस्थित हुए। अनुपालन संतोषजनक पाए जाने पर कोर्ट ने अवमानना याचिका का निराकरण कर दिया।
