
दमोह.वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के मोहली परिक्षेत्र में 5 जुलाई को गश्त के दौरान वनकर्मी पर हुए बाघ के हमले की जांच में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। वन विभाग ने घटनास्थल पर सघन गश्त एवं कैमरा ट्रैप रिकॉर्ड के आधार पर एक बाघ शावक की पहचान की है।वनमण्डलाधिकारी ने बताया 5 जुलाई को गश्त के दौरान दो वनकर्मी एक बाघ के अत्यंत निकट पहुंच गए थे।इस दौरान हुए हमले में श्रमिक बाबूलाल रैकवार के पैरों में गंभीर चोटें आई थीं। घटना के बाद हाथियों की सहायता से घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्र में लगातार गश्त कराई गई।उन्होने बताया 7 जुलाई की सुबह गश्ती दल को घटनास्थल के समीप एक बाघ शावक दिखाई दिया।नवंबर माह में कैमरा ट्रैपिंग के दौरान भी इसी शावक की तस्वीर दर्ज हुई थी।उस समय उसकी आयु 9 से 12 माह आंकी गई थी, जबकि वर्तमान में उसकी आयु लगभग 15 से 18 माह होने का अनुमान है।वनकर्मियों ने भी बताया घटना के दिन जिस बाघ के पदचिह्नों का वे पीछा कर रहे थे, वे आकार में अपेक्षाकृत छोटे थे। इस आधार पर संभावना व्यक्त की जा रही है कि वनकर्मी पर हमला इसी बाघ शावक ने किया था।वनमण्डलाधिकारी ने बताया कुछ दिन पूर्व पटना मोहली ग्राम में एक ग्रामीण पर हुए बाघ के हमले और वनकर्मी पर हुए हमले को लेकर सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से एक ही बाघ के शामिल होने की भ्रामक जानकारी प्रसारित की जा रही थी। उन्होने बताया नवंबर 2025 की अखिल भारतीय बाघ गणना के दौरान प्राप्त कैमरा ट्रैप चित्रों का मिलान करने के बाद स्पष्ट किया है कि दोनों घटनाओं में शामिल बाघ अलग-अलग हैं।
