सीहोर/रेहटी। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार रैहटी स्थित सीएम राइज (वर्तमान सांदीपनी) स्कूल का नवनिर्मित भवन पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गया है. भवन की छत से कमरों में पानी टपकने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. मामले में कांग्रेस ने उच्च स्तरीय तकनीकी जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है. जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि भवन का हैंडओवर अभी शिक्षा विभाग को नहीं मिला है, इसलिए इसकी तकनीकी जिम्मेदारी निर्माण एजेंसी की है. जबकि वास्तविकता यह है कि इस नव निर्मित भवन में 16 जून से कक्षाएं संचालित हो रही हैं.
प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश सचिव एवं बुधनी विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी विक्रम मस्ताल शर्मा (हनुमान) ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि जिस भवन में बच्चों का भविष्य संवरना है, उसी भवन की छत पहली बारिश में टपकने लगे तो यह निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न है. उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए जा रहे सरकारी भवन यदि पहली ही बारिश में अपनी गुणवत्ता खो दें, तो यह केवल तकनीकी खामी नहीं बल्कि पूरे निर्माण तंत्र की जवाबदेही का मामला है.
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई सहित विभिन्न सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं. नई सड़कें कुछ ही समय में उखड़ रही हैं, सरकारी भवनों में बारिश का पानी भर रहा है और अब सीएम राइज स्कूल की छत से पानी टपकने का मामला भी सामने आ गया है.
कांग्रेस नेता मस्ताल ने मांग की कि स्कूल भवन की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए तथा निर्माण एजेंसी, संबंधित अधिकारियों और गुणवत्ता परीक्षण से जुड़े अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए. साथ ही भवन की तत्काल मरम्मत कर विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने हाल के वर्षों में बने सभी सरकारी भवनों का स्वतंत्र गुणवत्ता ऑडिट कराने की भी मांग की. शर्मा ने कहा कि जनता अब केवल लोकार्पण और घोषणाएं नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण विकास चाहती है. यदि शिक्षा के मंदिर की छत ही पहली बारिश में जवाब दे दे, तो व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़ा करता है.
अभी हमने नहीं किया हैंडओवर
रेहटी स्थित सीएम राइज (सांदीपनी) स्कूल के नवनिर्मित भवन का हैंडओवर अभी शिक्षा विभाग को नहीं मिला है. इसलिए भवन की गुणवत्ता और तकनीकी कमियों की जिम्मेदारी फिलहाल निर्माण एजेंसी की है. स्कूल भवन के वायरल वीडियो की जानकारी संबंधित एजेंसी को दी जाएगी और आवश्यक परीक्षण कराकर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
सुश्री शीलू शर्मा,
जिला शिक्षा अधिकारी
