क्या आपके फोन पर भी Airtel की ओर से 22 जुलाई 2026 को होने वाली Consumer Education Workshop में शामिल होने का मैसेज आया है या आपने इसे सोशल मीडिया पर वायरल होते देखा है।
क्या आपके फोन पर भी Airtel की ओर से 22 जुलाई 2026 को होने वाली Consumer Education Workshop में शामिल होने का मैसेज आया है या आपने इसे सोशल मीडिया पर वायरल होते देखा है तो घबराने की जरूरत नहीं है। बता दें कि कई यूजर्स इस मैसेज को फर्जी या किसी नए स्कैम से जोड़कर देख रहे हैं लेकिन इसकी सच्चाई कुछ और ही है। इस मैसेज में इवेंट की तारीख, समय, स्थान और कार्यक्रम का उद्देश्य भी बताया गया है। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या यह वास्तव में Airtel की ओर से भेजा गया आधिकारिक निमंत्रण है या फिर कोई धोखाधड़ी का प्रयास।
क्या है वायरल मैसेज की सच्चाई?
जानकारी के लिए बता दें कि यह मैसेज TRAI (भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण) से जुड़े एक Consumer Education Program का हिस्सा है। जिसका आयोजन Airtel कर रहा है। इसका उद्देश्य ग्राहकों को टेलीकॉम सेवाओं, उपभोक्ता अधिकारों और शिकायत निवारण प्रक्रिया के बारे में जागरूक करना है। जिसका सीधा मतलब है कि यह कोई फर्जी मैसेज या ऑनलाइन स्कैम नहीं है बल्कि एक आधिकारिक जागरूकता कार्यक्रम के लिए भेजा गया निमंत्रण है।
वर्कशॉप में क्या मिलेगा?
रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि ऐसे कार्यक्रमों में आमतौर पर उपभोक्ताओं को बताया जाता है कि यदि मोबाइल नेटवर्क, कॉलिंग, इंटरनेट या अन्य सेवाओं से जुड़ी कोई समस्या आती है तो शिकायत कहां और कैसे दर्ज करनी है। साथ ही शिकायत के समाधान की समय-सीमा और समाधान न मिलने पर आगे किस अधिकारी या मंच से संपर्क किया जा सकता है इसकी भी जानकारी दी जाती है। इसके अलावा डिजिटल सुरक्षा, सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार और टेलीकॉम सेवाओं से जुड़े नए नियमों पर भी चर्चा की जाती है, ताकि उपभोक्ता अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से समझ सकें।
अगर मैसेज पर संदेह हो तो क्या करें?
इस मैसेज को आधिकारिक कार्यक्रम से जुड़ा बताया जा रहा है लेकिन किसी भी संदेश पर आंख बंद करके भरोसा करना सही नहीं है। यदि आपको किसी प्रकार का संदेह हो तो Airtel Customer Care से संपर्क करें या Airtel के आधिकारिक ऐप और वेबसाइट पर जाकर इसकी पुष्टि करें। इसको लेकर विशेषज्ञ भी सलाह देते हैं कि किसी भी वायरल मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करने या व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें। जागरूक रहना ही साइबर सुरक्षा का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है।
