
सागर। डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय का 33वां दीक्षांत समारोह भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। समारोह में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत, सांसद डॉ. लता वानखेड़े एवं कुलाधिपति कन्हैयालाल बेरवाल की गरिमामयी उपस्थिति रही. कार्यक्रम में पद्म विभूषण जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य को मानद डी.लिट् उपाधि प्रदान की गई.
कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़े मुख्य अतिथि गडकरी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य मानवीय, धार्मिक व सामाजिक मूल्यों को आत्मसात करना है.स्वामी रामभद्राचार्य ने युवाओं को राष्ट्रसेवा और नवाचार की प्रेरणा दी. उन्होंने कहा कि दीक्षांत का मतलब दीक्षा का अंत नहीं बल्कि सुनहरे भविष्य की शुरुआत है. कुलाधिपति बेरवाल व कुलपति नीलिमा गुप्ता ने विद्यार्थियों से जनकल्याण के लिए कार्य करने का आह्वान किया.उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि भारत 2047 तक वैश्विक शक्ति बनेगा और छात्र शिक्षा का सदुपयोग समाजहित में करें.
समारोह में 957 विद्यार्थियों ने उपाधि प्राप्त की. शोभायात्रा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, गौर समाधि पर पुष्पांजलि और तीन नवीन भवनों के लोकार्पण के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ. डिजिटल डिग्री, स्मारिका विमोचन और यूट्यूब पर लाइव प्रसारण की व्यवस्था की गई थी.
