
सिंगरौली। बैढ़न स्थित वन स्टॉप सेंटर की अव्यवस्थाएं एक आदिवासी किशोरी की आत्महत्या के बाद उजागर हो गई हैं। बीती रात सेंटर परिसर में एक किशोरी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद आईसीडीएस विभाग और अपर कलेक्टर सवालों के घेरे में आ गए हैं। बताया गया कि करीब डेढ़ साल पहले तत्कालीन डीपीओ राजेश राम गुप्ता ने एनजीओ जयप्रकाश नारायण युवा मंडल का अनुबंध समाप्त कर संचालन ठप कर दिया था। इसके बाद वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, और निविदाएं बार-बार निरस्त की जाती रहीं।
वर्तमान में सेंटर में स्वीकृत 11 पदों में केवल चार स्टाफ कार्यरत हैं, जिससे संचालन भगवान भरोसे है। आरोप है कि निविदाएं नेताओं के दबाव में निरस्त कराई गईं, जिससे योग्य एनजीओ को मौका नहीं मिला। अगर एनजीओ कार्यरत होता, तो संभवतः यह घटना टल सकती थी। डीपीओ जितेंद्र गुप्ता ने स्टाफ की कमी स्वीकारते हुए जांच की बात कही है। फिलहाल, मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
