मोतिहारी, 07 जुलाई (वार्ता) बिहार के पूर्वी चंपारण जिले तक अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी और भारतीय युवकों को विदेश भेजकर कथित रूप से साइबर अपराध में धकेलने वाले संदिग्ध नेटवर्क की जांच पहुंच गई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए ) ने फेनहारा थाना क्षेत्र के कालूपकर वार्ड संख्या-2 निवासी मो. कलामुद्दीन से कई घंटे तक पूछताछ की, उसके आवास की गहन तलाशी ली, मोबाइल फोन जब्त किया तथा उसे 13 जुलाई को पटना स्थित एनआईए कार्यालय में उपस्थित होने का नोटिस जारी किया है।आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, आरसी-10/2024/एनआईए/डीएलआई मामले की जांच के दौरान मिले इनपुट के आधार पर एनआईए की टीम स्थानीय पुलिस के सहयोग से फेनहारा पहुंची। एजेंसी को संदेह है कि मो. कलामुद्दीन ऐसे नेटवर्क के संपर्क में था, जो भारतीय युवकों को कंबोडिया भेजने, उनके टिकट और यात्रा की व्यवस्था कराने तथा विदेश पहुंचाने में भूमिका निभाता था। इसी आधार पर उससे विस्तृत पूछताछ की गई। सूत्रों ने बताया कि एनआईए ने जांच के दौरान उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। अब डिजिटल फोरेंसिक जांच के जरिए कॉल डिटेल, चैट, सोशल मीडिया संपर्क, ई-मेल और वित्तीय लेन-देन की गहन पड़ताल की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क के माध्यम से कितने भारतीय युवकों को विदेश भेजा गया तथा क्या उन्हें वहां साइबर ठगी, ऑनलाइन धोखाधड़ी या अन्य अवैध गतिविधियों में जबरन शामिल किया गया।
जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कार्रवाई के दौरान कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्ध लोगों की पहचान की जा रही है। इसी क्रम में मो. कलामुद्दीन को 13 जुलाई को पटना स्थित एनआईए कार्यालय में विस्तृत पूछताछ के लिए बुलाया गया है। माना जा रहा है कि डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद जांच का दायरा और व्यापक हो सकता है। हालांकि, एनआईए ने इस मामले में मो. कलामुद्दीन की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। एजेंसी का कहना है कि वह जांच में सहयोग कर रहा है और फिलहाल साक्ष्य एकत्र करने की प्रक्रिया जारी है। कानूनी सिद्धांतों के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को तब तक दोषी नहीं माना जाता, जब तक उसके विरुद्ध आरोप न्यायालय में सिद्ध नहीं हो जाते। सीमावर्ती पूर्वी चंपारण तक इस जांच का पहुंचना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि केंद्रीय एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी, विदेश भेजने वाले संदिग्ध नेटवर्क और साइबर अपराध से जुड़े संभावित संपर्कों की गहराई से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

