
नई दिल्ली, 06 नवम्बर: भारतीय राजनीति के प्रमुख चेहरों में शुमार और पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा आज अपना 88वाँ जन्मदिन मना रहे हैं। 6 नवंबर 1937 को बिहार के पटना में जन्मे सिन्हा का नाम उन नेताओं में लिया जाता है, जिन्होंने प्रशासनिक सेवा (IAS) से राजनीति की राह चुनकर देश की आर्थिक नीतियों को नई दिशा दी। उन्होंने 1960 में IAS में प्रवेश किया और 1984 में इस्तीफा देकर राजनीति में कदम रखा।
जनता पार्टी और बाद में जनता दल से राजनीतिक करियर की शुरुआत करने वाले यशवंत सिन्हा 1990 के दशक में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में वे दो बार भारत के वित्त मंत्री और बाद में विदेश मंत्री बने। वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने विदेशी निवेश को प्रोत्साहन, टेलीकॉम सुधार और भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक बाजारों से जोड़ने जैसे कई ऐतिहासिक कदम उठाए।
यशवंत सिन्हा हमेशा अपने स्पष्ट विचारों और बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कई बार अपनी ही पार्टी की नीतियों की आलोचना करते हुए सच्चाई को खुलकर सामने रखा। अटल वाजपेयी सरकार में अहम पदों पर रहने के बावजूद, उन्होंने 2018 में भाजपा से नाता तोड़ लिया। उन्हें लोकतंत्र, पारदर्शिता और सुशासन का मुखर समर्थक माना जाता है। 2015 में उन्हें फ्रांस सरकार द्वारा ‘ऑर्डर ऑफ द लीजियन ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया गया था।
