
जबलपुर। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित ऑपरेशन हमदर्द के तहत जीआरपी थाना जबलपुर ने रेलवे स्टेशन परिसर में रहने वाले निराश्रित, असहाय एवं बेघर व्यक्तियों की पहचान कर उनका विस्तृत डोजियर तैयार करने का अभियान शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य ऐसे लोगों की पहचान सुनिश्चित करने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर उन्हें सहायता, संरक्षण और शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाना है।अभियान के दौरान जीआरपी की टीम ने रेलवे स्टेशन के विभिन्न प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालयों और अन्य स्थानों पर रहने वाले निराश्रित व्यक्तियों से संपर्क किया। इस दौरान उनके नाम, पता, आयु, परिजनों की जानकारी, आजीविका के साधन, स्वास्थ्य संबंधी स्थिति, फोटो सहित अन्य आवश्यक विवरण एकत्रित कर व्यवस्थित डोजियर तैयार किया गया।
परिजनों तक पहुंचने में होगी सहायता
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस जानकारी से भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में संबंधित व्यक्ति की पहचान करने और उसके परिजनों तक शीघ्र पहुंचने में आसानी होगी। जीआरपी के अनुसार अभियान का उद्देश्य केवल रिकॉर्ड तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे लोगों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना भी है। जिन निराश्रितों का परिवार से संपर्क टूट चुका है, उन्हें उनके परिजनों से मिलाने का प्रयास किया जाएगा। वहीं जरूरतमंदों को विभिन्न सामाजिक एवं शासकीय योजनाओं से जोड़कर उन्हें बेहतर जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। साथ ही रेलवे स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में भी यह पहल महत्वपूर्ण साबित होगी। अधिकारियों ने बताया कि तैयार किए गए डोजियर का समय-समय पर सत्यापन भी किया जाएगा, ताकि जानकारी अद्यतन बनी रहे और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
तत्काल दें जीआरपी को सूचना
इससे स्टेशन परिसर में रहने वाले व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित होगी और किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में कार्रवाई में तेजी आएगी। जीआरपी थाना जबलपुर ने यात्रियों और आम नागरिकों से अपील की है कि यदि रेलवे स्टेशन परिसर में कोई निराश्रित, असहाय, लावारिस अथवा मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल जीआरपी को दें, ताकि समय रहते उसे आवश्यक सहायता, संरक्षण और उचित देखभाल उपलब्ध कराई जा सके। पुलिस का मानना है कि जनसहभागिता से ही ऐसे मानवीय अभियानों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
