
ग्वालियर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार की शाम राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित संभाग स्तरीय उन्नत कृषक संवाद सम्मेलन में किसानों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने
कृषि विकास, प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की सौगात दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, कृषि वैज्ञानिक और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने अपने प्रवास के दौरान करीब 49 करोड़ रुपए की लागत से विकसित होने वाली हाईटेक नर्सरी एवं फ्लोरीकल्चर गार्डन परियोजना की आधारशिला रखी।ग्वालियर-चंबल अंचल में आधुनिक उद्यानिकी और गुणवत्तापूर्ण पौध उत्पादन को बढ़ावा देने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना के प्रथम चरण के लिए राज्य सरकार 13 करोड़ रुपए की मंजूरी पहले ही दे चुकी है।
*सफल कृषकों का हुआ सम्मान*
कृषि विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों के अनुभव सुने और उनको सराहा। साथ ही खेती में नवाचार, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और बेहतर उत्पादन करने वाले सफल किसानों को सम्मानित भी किया और उनसे प्रेरणा लेने के लिए कहा। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को टिकाऊ और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के प्रति प्रेरित करना था।
*हितग्राहियों को लाभ, आधुनिक कृषि इकाई का लोकार्पण*
सम्मेलन के दौरान उद्यानिकी विभाग की पीएमएफएमई योजना के तहत हितग्राहियों को लाभ वितरित किए गए। इसके अलावा मुख्यमंत्री समन्वित कृषि प्रणाली एवं बहुस्तरीय कृषि पद्धति इकाई का लोकार्पण भी किया। इस पहल से किसानों को आधुनिक कृषि मॉडल अपनाने और आय के नए स्रोत विकसित करने में मदद मिलेगी।
*पौधारोपण और अन्य कार्यक्रमों में भी हुए शामिल*
मुख्यमंत्री ने अपने ग्वालियर प्रवास के दौरान पौधारोपण कार्यक्रम में भी भाग लिया और शहर के अन्य स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती और उद्यानिकी को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि करना है। उन्होंने कहा कि हाईटेक नर्सरी एवं फ्लोरीकल्चर गार्डन परियोजना के शुरू होने से ग्वालियर-चंबल अंचल में पौध उत्पादन, बागवानी और फूलों की खेती को नई गति मिलेगी। इससे किसानों के लिए रोजगार और आय के अतिरिक्त अवसर भी सृजित होंगे।
