महाकाल मंदिर समिति की भर्ती प्रक्रिया जांच के घेरे में, HC ने तीन माह में मांगा जवाब

उज्जैन: विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर समिति पर पुजारी-पुरोहितों और कर्मचारियों की नियुक्तियों में भारी गड़बड़ी के आरोप लगे हैं. इंदौर हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीर मानते हुए उज्जैन कलेक्टर से तीन माह के भीतर विस्तृत जवाब तलब किया है. ऐसे में आस्था और पारदर्शिता को लेकर जंग छिड़ गई है.दरअसल 16 जून 2025 को सारिका गुरु ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. उनका कहना है कि मंदिर समिति ने पुजारी-पुरोहितों और कर्मचारियों की नियुक्तियों में न तो किसी प्रकार की सार्वजनिक विज्ञप्ति जारी की, न ही परीक्षा या साक्षात्कार जैसी प्रक्रिया अपनाई. सीधे-सीधे परिवारवाद और पक्षपात के आधार पर लोगों को नियुक्त किया गया.
306 कर्मचारियों की नियुक्ति भी अवैध
याचिका में यह भी कहा गया है कि लगभग 306 कर्मचारी मंदिर समिति में कार्यरत हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश की नियुक्ति प्रक्रिया संदिग्ध है. साथ ही, महाकाल परिसर के लगभग 40 मंदिरों में केवल 16 पुजारी और 22 पुरोहित कार्यरत बताए गए हैं, जिनके 44 प्रतिनिधि भी जुड़े हैं। यह पूरा समूह रिश्तेदारों और परिजनों का है.
पारदर्शिता पर सवाल
सारिका गुरु ने मंदिर समिति से आरटीआई के जरिए नियुक्तियों से जुड़े दस्तावेज मांगे थे. लेकिन समिति ने ‘गोपनीय’ बताकर दस्तावेज देने से इनकार कर दिया. इसके बाद राज्य सूचना आयुक्त कार्यालय में अपील हुई, लेकिन जानकारी फिर भी नहीं दी गई. मजबूर होकर यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा.
19 मन्दिर का एक ही पुजारी
याचिकाकर्ता के पति जयराज चौबे ने आरोप लगाया कि मंदिरों को ठेके पर चलाने का खेल हो रहा है. उनका कहना है कि ‘19 मंदिरों का कामकाज एक ही पुजारी कैसे देख सकता है? यह व्यवस्था नहीं बल्कि स्पष्ट अव्यवस्था है.
यह है 16 पुजारी…
गौरव शर्मा, दिलीप शर्मा, विजय शंकर शर्मा, विजय शर्मा, श्रीराम शर्मा ,गणेश नारायण शर्मा, संजय शर्मा, अजय शर्मा, कैलाश नारायण शर्मा, अमर शर्मा, स्वर्गीय शांति कुमार, राजेश शर्मा, घनश्याम शर्मा ,दिनेश त्रिवेदी और कमल शर्मा है.
यह है 22 पुरोहित
शरद चंद्र व्यास, विनोद व्यास, राधेश्याम शास्त्री, कौशल व्यास, चंद्रशेखर शर्मा, सुभाष शर्मा, बालकृष्ण जोशी ,अजय शर्मा, स्वर्गीय सूर्यनारायण जोशी ,नीरज शर्मा, विजय उपाध्याय, लोकेंद्र व्यास, अशोक शर्मा, स्वर्गीय रवि पंडित ,दीपक भट्ट, मुकेश शर्मा, स्वर्गीय गणेश नारायण, विपुल चतुर्वेदी, गोपाल व्यास, दीपक शर्मा, गोपाल शर्मा और विश्वास कराडकर है. इन सब 22 पुरोहितों के 44 प्रतिनिधि है और एक दूसरे के रिश्तेदार है भाई भतीजे हैं या पुत्र- पोत्र हैं.
कोर्ट का आर्डर देखकर निर्णय लेंगे
अभी इंदौर हाई कोर्ट से जारी आदेश का अध्ययन किया जा रहा है. महाकाल मंदिर को लेकर किस प्रकार की याचिका लगाई गई थी और क्या आदेश दिए गए हैं इन सब का अवलोकन करने के पश्चात ही निर्णय लिया जाएगा.
रोशन कुमार सिंह, कलेक्टर ,उज्जैन

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