शहर का मुख्य वाटर फिल्टर प्लांट फेल, गंदे पानी की हो रही सप्लाई

सतना : बारिश की शुरुआत होते ही नगर निगम की जल प्रदाय व्यवस्था की पोल खुल गई है. शहर को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का दावा करने वाला मुख्य वाटर फिल्टर प्लांट पूरी तरह से फेल साबित हो रहा है. तकनीकी खराबी और रखरखाव के अभाव में फिल्टर प्लांट पानी को शुद्ध करने में पूरी तरह असफल रहा है, जिसके कारण पिछले कुछ दिनों से शहर के वार्डों में मटमैले और बदबूदार पानी की सप्लाई हो रही है.

शहर के कई प्रमुख रिहायशी इलाकों के रहवासियों ने शिकायत की है कि नलों से आने वाला पानी इतना गंदा है कि उसे कपड़े धोने या नहाने के उपयोग में भी नहीं लाया जा सकता, पीना तो दूर की बात है. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पानी का NTU (गंदलापन) स्तर इतना अधिक है कि बाल्टी में नीचे मिट्टी और कचरा साफ देखा जा सकता है.

मिली जानकारी के अनुसार,फिल्टर प्लांट में पानी को साफ करने के लिए इस्तेमाल होने वाले आवश्यक रसायनों जैसे एलम और मैक्स फ्लॉक टी के डोजिंग मैनेजमेंट में भारी गड़बड़ी सामने आई है.तकनीकी जानकारों का कहना है कि कच्चे पानी का टर्बिडिटी लेवल बढ़ते ही फिल्टर प्लांट की मशीनरी लोड नहीं संभाल पा रही है. प्लांट का मेंटेनेंस समय पर न होने के कारण फिल्टर लगभग बेड चोक हो चुके हैं, जिससे पानी बिना पूरी तरह साफ हुए ही सीधे मुख्य टंकियों में और वहाँ से जनता के घरों तक सप्लाई किया जा रहा है.
हर साल मेंटेनेंस के नाम पर लाखों रुपये का बजट खर्च होता है ,लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस है. स्मार्ट सिटी का दम भरने वाले शहर की जनता बूंद-बूंद शुद्ध पानी के लिए तरस रही है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए जब सुधार कार्य में लगे तकनीकी कर्मचारियों और अधिकारियों से बात की गई, तो उन्होंने चौंकाने वाली जानकारी दी अधिकारियों के मुताबिक, प्लांट की स्थिति को पूरी तरह सुधारने और फिल्टर बेड की सफाई करने में अभी समय लगेगा. ऐसे में शहरवासियों को लगभग अगले तीन से चार दिन तक इसी तरह के मटमैले और गंदे पानी की सप्लाई का सामना करना पड़ेगा.

लोड नहीं संभाल पा रही मशीनरी : तकनीकी जानकारों का कहना है कि बारिश के कारण कच्चे पानी का टर्बिडिटी (गंदलापन) लेवल जैसे ही बढ़ा, फिल्टर प्लांट की मशीनरी लोड संभालने में नाकाम हो गई.

चोक हो चुके फिल्टर बेड : समय पर मेंटेनेंस न होने के कारण फिल्टर बेड पूरी तरह चोक हो चुके हैं.नतीजा यह है कि पानी बिना पूरी तरह साफ (फिल्टर) हुए ही सीधे मुख्य टंकियों में और वहां से जनता के घरों तक धकेला जा रहा है.

इनका कहना
फ़िल्टर प्लाट में पानी की गुणवत्ता सुधार का कार्य किया जा रहा बाहर से केमिकल मंगाए गए हैं जल्द ही पहले ही पानी सप्लाई होने लगेगा.

हिमांशु ताम्रकर
फ़िल्टर प्लांट नगर निगम

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