कोलकाता, 04 जुलाई (वार्ता) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी कार्यालय को लेकर हुए विवाद पर बागी गुट पर निशाना साधते हुए कहा कि लोग पार्टी छोड़ सकते हैं लेकिन संस्थाओं पर ‘कब्जा’ नहीं किया जा सकता।
गौरतलब है कि टीएमसी प्रमुख का यह बयान मेट्रोपॉलिटन पार्टी कार्यालय में हुई उन नाटकीय घटनाओं के एक दिन बाद आया है, जिसमें श्री रितब्रत बंद्योपाध्याय के नेतृत्व वाले बागी गुट के समर्थकों ने एक बैठक करते हुए जाते समय उसका मुख्य दरवाजा बंद कर दिया। इस घटना के बाद स्थानीय विधायक और कालीघाट गुट के वरिष्ठ नेता श्री कुणाल घोष मौके पर पहुंचे, जिससे इलाके में लंबे समय तक राजनीतिक तनाव बना रहा।
सुश्री बनर्जी ने शनिवार को एक वीडियो संदेश के जरिए बागी गुट का नाम लिए बिना कहा, “जिन लोगों ने शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में ताला लगाया, उन्हें याद रखना चाहिए कि हमने वह कार्यालय किराये पर लिया था। यह समझौता अक्टूबर 2027 तक मान्य है। कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि उन्होंने इस पर हस्ताक्षर किए थे लेकिन उन्होंने निजी हैसियत से हस्ताक्षर नहीं किए थे। यह पार्टी की मंजूरी से किया गया था।” उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी व्यक्ति पार्टी की संस्था पर मालिकाना हक का दावा नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा, “कोई व्यक्ति जा सकता है लेकिन संस्था नहीं जाती। जैसे कोई किसी की निजी संपत्ति पर जबरन कब्जा नहीं कर सकता, वैसे ही पार्टी की संस्था पर भी कब्जा नहीं किया जा सकता।” सुश्री बनर्जी ने कार्यालय से जुड़े वित्तीय आरोपों पर भी सवाल उठाए और पूछा, “कुछ लोग कह रहे हैं कि उन्हें पैसे नहीं मिले, तो फिर हर महीने एक लाख रुपये के चेक कौन जारी कर रहा था?” सुश्री बनर्जी ने राजनीतिक टकराव के बावजूद कोई व्यक्तिगत नाराजगी न होने की बात कहते हुए कहा कि अगर भविष्य में कानूनी लड़ाई भी होती है, तो भी उन्हें किसी के प्रति कोई निजी खुन्नस नहीं है।
उन्होंने एक तीखा राजनीतिक संदेश देते हुए कहा, “आप केंद्रीय बलों की मदद से पार्टी कार्यालय में ताला लगा सकते हैं लेकिन लोगों के दिलों पर ताला नहीं लगा सकते।”
