
छतरपुर। छतरपुर जिला अस्पताल में मरीजों को अब भी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है। 2019 में शुरू की गई आधुनिक मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री के बावजूद मरीजों को बेड पर चादर तक नहीं मिल रही।
मरीजों ने बताया कि अस्पताल में चादरें नहीं दी जा रहीं, जबकि नियम के अनुसार हर दिन अलग रंग की चादरें बिछाई जानी थीं।
हर दिन की तय चादर का रंग:
सोमवार – गोल्डन यलो
मंगलवार – आसमानी
बुधवार – लाल
गुरुवार – लेमन यलो
शुक्रवार – ब्रिलिएंट रेड
शनिवार – चॉकलेट
रविवार – हरा
लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि मरीज बिना चादर के बेड पर इलाज कराने को मजबूर हैं।
मरीज रामसेवक पाल
“तीन दिन से भर्ती हूं, लेकिन एक बार भी चादर नहीं बदली गई। गर्मी में बिना चादर के रहना मुश्किल है।”
अस्पताल प्रबंधन की अनदेखी से मरीजों में नाराजगी है। लोगों ने मांग की है कि लॉन्ड्री का नियमित उपयोग हो और चादरें समय पर उपलब्ध कराई जाएं।
