किंशासा, 04 जुलाई (वार्ता) डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआर कांगो) में इबोला के प्रकोप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 473 हो गयी है, जबकि संक्रमितों का आंकड़ा 1,500 पार पहुंच गया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी। इस बीच प्रशासन देश के पूर्वी प्रांतों में निगरानी और इलाज के प्रयासों में जुटा हुआ है।
मंत्रालय ने इतूरी और उत्तरी कीवू प्रांतों में 42 नये पुष्ट मामलों की सूचना दी है। इसके साथ ही 15 मई को इस बीमारी के प्रकोप की घोषणा होने के बाद से कुल संक्रमितों की संख्या 1,500 से अधिक हो गयी है।
ताजा जानकारी के अनुसार, 213 मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि 628 का अभी इलाज चल रहा है। इतूरी, उत्तरी कीवू और दक्षिणी कीवू प्रांतों के 34 प्रभावित स्वास्थ्य क्षेत्रों में 11,000 से अधिक ऐसे लोगों की निगरानी की जा रही है जो संक्रमितों के संपर्क में आये थे।
मंत्रालय ने कहा कि समुदाय की भागीदारी बढ़ाने के प्रयास जारी हैं, विशेष रूप से इतूरी में, जहां बचाव उपायों के प्रति स्थानीय लोगों के विरोध के कारण संक्रमण रोकने के अभियानों में बाधा आयी है।
गत मई में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इस बीमारी के क्षेत्रीय स्तर पर फैलने के बड़े खतरे का हवाला देते हुए कांगो और पड़ोसी देश युगांडा में इबोला के प्रकोप को 17 मई को ‘अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल’ घोषित किया था।
अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (अफ्रीका सीडीसी) ने इस सप्ताह किंशासा में उच्च स्तरीय बैठक बुलायी थी। इस बैठक का उद्देश्य इबोला से निपटने के प्रयासों में मदद के लिए राजनीतिक नेतृत्व, अंतरराष्ट्रीय भागीदारों और संसाधनों के बीच समन्वय स्थापित करना था।
राष्ट्रपति फेलिक्स त्शिसेकेदी ने गुरुवार को बैठक में महाद्वीप में बीमारियों के प्रकोप से निपटने की अफ्रीका की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए अधिक क्षेत्रीय एकजुटता और मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों का आह्वान किया था।
अफ्रीका सीडीसी के अनुसार, कांगो और युगांडा में इबोला से निपटने के प्रयासों में मदद के लिए दानदाताओं और विकास भागीदारों ने 91 करोड़ डॉलर देने का संकल्प लिया है।
गौरतलब है कि युगांडा में अब तक इबोला के 20 मामले सामने आ चुके हैं। इबोला का यह वर्तमान प्रकोप इबोला वायरस के ‘बुंदीबुग्यो स्ट्रेन’ के कारण फैला है।
