दो ऑक्सीजन प्लांट चालू, फिर भी जिला अस्पताल में हर माह छोटे सिलेंडरों पर कर रहे हजारों रुपये खर्च

बैतूल: कोरोना काल के वक्त जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया था। वार्डो में बेड तक आक्सीजन आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाई गई।फिर भी अस्पताल को आक्सीजन सिलिंडर खरीदना पड़ रहा है। इस पर हर महीने हजारों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अस्पताल में हर महीने में करीब 25 से 30 छोटे सिलेंडर इस्तेमाल होते है यानि एक साल में 300 से 350 छोटे सिलेंडरों की खपत जिला अस्पताल में हो रही है।

हालांकि सिलेंडर खरीदे जाने को लेकर जिला अस्तपाल प्रबंधन द्वारा तर्क दिया जा रहा है कि मरीजों को इधर से उधर करने और एंबुलेंस तक पहुंचाने के लिए छोटे सिलेंडर खरीदना पड़ता है। मरीजों को यहां-वहां शिफ्ट करने के दौरान छोटे सिलेंडरों की आवश्यकता पड़ती है, जिसके कारण सिलेंडर खरीदने पड़ रहे है। बता दे कि जिला अस्पताल में मरीजों के लिए दो ऑक्सीजन प्लांट लगे और दोनों चालू हालत में हैं।

इसके बाद भी अस्पताल प्रशासन द्वारा हर माह हजारों रुपए के ऑक्सीजन के छोटे सिलेंडर खरीदे जा रहे हैं। अस्पताल प्रशासन भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन होने के बावजूद छोटे सिलेेंडर की व्यवस्था नहीं बना पाया है।जिला अस्पताल में आते है रोजाना एक हजार मरीज : जिला अस्पताल में रोजाना करीब एक हजार से अधिक मरीज आते हैं। उसमें से करीब 10 से 15 गंभीर मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है। ऐसे में मरीजों को छोटे सिलेंडरों का सहारा लेना पड़ता है, ताकि मरीज को भर्ती वार्ड या आईसीयू में शिफ्ट किया जा सके। जानकार बताते है कि अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट में गैस तैयार की जाती है। मरीजों तक ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए पाइपलाइन बिछाई गई है, ताकि जरूरत के हिसाब से मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा सके।
जला अस्पताल में दो ऑक्सीजन प्लांट
जला अस्पताल में वर्तमान में ऑक्सीन के दो प्लांट है और चालू हालत में है। एक ऑक्सीजन प्लांट 1000 एलपीएम और दूसरा 300 एलपीएम क्षमता का हैं। कोविड काल में 1000 एलपीएम क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट लगाया है। प्लांट से सभी वार्डों में ऑक्सीजन की सप्लाई दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्लांट पूरी क्षमता से काम कर रहा है और अस्पताल भवन में ऑक्सीजन की पाइपलाइन भी बिछी हुई है। लेकिन इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन हर महीने छोटे ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवा रहा है, जिससे व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
40 से 50 रूपये में मिलता है छोटा सिलेंडर
बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल में मरीजों को इधर से उधर करने और एंबुलेंस तक पहुंचाने के लिए छोटे सिलेंडरों का इस्तेमाल किया जाता है। यह एक सिलेंडर करीब 40 से 50 रूपये में खरीदा जाता है। वहीं एक महीने में लगभग 30 सिलेंडरों की खपत अस्पताल में होती है। जानकारों का कहना है कि पोर्टेबल सप्लाई व्यवस्था को मजबूत किया जाए तो छोटे सिलेंडरों पर खर्च में कटौती हो सकती है, लेकिन अस्पताल ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जिस कारण बाहर से खरीदना पड़ रहा है।
अस्पताल में ऑक्सीजन के दो प्लांट है। मरीजो को इधर-उधर करने के दौरान छोटे ऑक्सीजन सिलेंडरों की आवश्यकता पड़ती है। इसलिए खरीदना पड़ता है। महीने में 25 से 30 सिलेंडर लगते है।
डॉ. जगदीश घोरे, सीएस जिला अस्पताल बैतूल

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