इंदौर: भंवरकुआं क्षेत्र में 24 वर्षीय पवन ने कर्जदारों के लगातार दबाव और धमकियों के कारण फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. परिवार ने उसकी मौत के बाद उसकी आंखें दान कर इंसानियत की मिसाल पेश की है.भंवरकुआं थाना क्षेत्र में दुखद घटना हुई, जब श्रीराम नगर में रहने वाला 24 वर्षीय पवन पिता मनोज पाटिल ने घर में ही फंदा लगाकर अपनी जान दे दी. घटना के समय उसके परिवार ने उसे कमरे में लटका पाया और तुरंत पुलिस को सूचना दी.
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को जिला अस्पताल भेज दिया. पवन के जीजा शरद ने बताया कि पवन के मोबाइल में कई कर्जदारों के नंबर और बातचीत दर्ज थी. पिछले कुछ महीनों से वह कर्जदारों की लगातार कॉल और धमकियों से तनाव में था. पवन वॉलपेपर का काम करता था और अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए कुछ लोगों से 4 से 5 प्रतिशत ब्याज पर कर्ज लिया था. पुलिस ने मोबाइल जब्त कर उसकी तकनीकी जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पवन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था और यही तनाव उसकी आत्महत्या का कारण बना.
आंखें दान कर दी इंसानियत की मिसाल
पवन की मौत के बाद परिवार ने इंसानियत का उदाहरण पेश किया और उसकी आंखें दान करने का निर्णय लिया. रविवार सुबह स्थानीय संस्था की मदद से नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की गई. परिवार और पड़ोसी इसे एक सकारात्मक कदम मान रहे हैं, जिससे पवन की याद हमेशा जीवित रहेगी. परिवार में पवन का एक भाई है जो निजी कंपनी में काम करता है, जबकि पिता रामकिशन पेशे से ड्राइवर हैं. पुलिस अब मामले में कर्जदारों की भूमिका और धमकियों की पूरी जांच कर रही है.
