इंदौर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 जून को होने वाली नीट (यूजी) परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और कुशल प्रबंधन के साथ संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं. मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि परीक्षा आयोजन में किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं रहनी चाहिए.
प्रदेश के 30 जिलों में 283 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होने वाली इस परीक्षा में इंदौर सबसे बड़ा परीक्षा केंद्र रहेगा, जहां 57 केंद्रों पर अभ्यर्थी परीक्षा देंगे. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी केंद्रों पर बायोमैट्रिक मशीन, सीसीटीवी कैमरे और जैमर 19 जून तक स्थापित कर 20 जून को उनका ट्रायल रन पूरा कर लिया जाए. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और जबलपुर में राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे के बावजूद परीक्षार्थियों को केंद्रों तक पहुंचने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए. जरूरत पड़ने पर प्रशासन और पुलिस अभ्यर्थियों को सरकारी वाहनों से भी परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने में सहयोग करें.
अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने बताया कि सभी जिलों में नियंत्रण कक्ष स्थापित कर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है. परीक्षा केंद्रों पर दो स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, जैमर, जनरेटर, पेयजल, ओआरएस, प्राथमिक उपचार, महिला अभ्यर्थियों के लिए अलग फ्रिस्किंग व्यवस्था तथा अभिभावकों के लिए टेंट और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. वीडियो कॉन्फ्रेंस में इंदौर से कलेक्टर शिवम वर्मा, एसपी ग्रामीण राजेंद्र वर्मा सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए. प्रदेश में सबसे अधिक परीक्षा केंद्र इंदौर (57) में हैं, जबकि भोपाल में 32, ग्वालियर और जबलपुर में 24-24 केंद्र बनाए गए हैं.
एआईसीटीसीएल की बसें लगाई जाएंगी
इंदौर में नीट की परीक्षा को लेकर एआईसीटीसीएल की बसों को भी लगाया जाएगा जिससे बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों को अपने केन्द्र तक जाने के लिए गंतव्य की समस्या का सामना नहीं करना पड़े. वहीं दूसरी ओर इंदौर के ट्रैफिक को भी सुचारू रूप से लगातार व्यवस्थित रखा जाएगा जिससे कि परीक्षार्थियों को अपने परीक्षा केन्द्र तक जाने के लिए यातायात की समस्या का सामना नहीं करना पड़े और परीक्षार्थी समय पर परीक्षा केन्द्र तक पहुंच जाएं इसके लिए विशेष निर्देश जारी किए गएहैं
