जबलपुर: निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने दो टूक कहा है कि खुले में मेडिकल कचरा फेंंकना अपराध है और ये अपराध जो करेगा उस पर कार्रवाई सुनिश्चित है। शुक्रवार को संभाग क्रमांक 2, कछपुरा क्षेत्र में खुले में दवाइयों का कचरा फेंकने पर ए.एन. ट्रेडर्स के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को कछपुरा क्षेत्र में भारी मात्रा में दवाइयों का कचरा एक्सपायर्ड दवाएं और मेडिकल वेस्ट खुले में पड़ा मिला।
जब टीम ने कचरे की पड़ताल की, तो उसमें ए.एन. ट्रेडर्स के नाम का बिल बरामद हुआ। बिल के आधार पर तत्काल फर्म की पहचान की गई और संचालक की लापरवाही की पुष्टि हुई। नियमों के उल्लंघन और सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरे में डालने के कारण फर्म संचालक के विरुद्ध 5 हजार रूपये का स्पॉट फाइन किया गया, साथ ही सख्त हिदायत दी गई कि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति होने पर फर्म को सील करने की कार्रवाई की जा सकती है।
कार्रवाई के दौरान मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक, क्षेत्रीय स्वास्थ्य निरीक्षक, सुपरवाइजर एवं स्वच्छता दल आदि उपस्थित रहे। बायोमेडिकल वेस्ट को खुले में फेंकना न केवल दंडनीय अपराध है, बल्कि यह मिट्टी और भूजल को जहरीला बनाने के साथ-साथ आवारा पशुओं और स्थानीय निवासियों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है।
