इंदौर :राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय और राज्य न्यायिक अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में न्यायालयों में प्रकरणों की बढ़ोत्तरी और वंचना (पश्चिम क्षेत्र) विषय पर दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ.उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जितेन्द्र कुमार माहेश्वरी ने न्यायपालिका के समक्ष दोहरी चुनौतियों बढ़ते मामलों और वंचित वर्गों की न्याय से दूरी पर विस्तार से विचार रखते हुए समावेशी न्याय की आवश्यकता को रेखांकित किया. उन्होंने वैकल्पिक विवाद समाधान, सोशल मीडिया के प्रभाव और संवैधानिक नैतिकता आधारित सुधारों पर बल दिया.
जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा ने न्यायपालिका की निष्पक्षता और दृढ़ता की प्रशंसा करते हुए न्यायाधीशों से निर्भीक निर्णय लेने का आह्वान किया. जस्टिस संजीव सचदेवा ने लंबित मामलों को गंभीर चुनौती बताते हुए तकनीक, नीतिगत बदलाव और संस्थागत नवाचार के समन्वय से समाधान सुझाया. सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों सहित एमपी, महाराष्ट्र, गुजरात व राजस्थान के न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे. सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा-आधारित न्यायिक निर्णयों पर भी चर्चा हुई.
