
खंडवा। जिले में शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक हुई झमाझम बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। पिछले 24 घंटों में करीब दो इंच वर्षा दर्ज की गई, जिससे इस मानसून सीजन में कुल वर्षा का आंकड़ा चार इंच से अधिक पहुंच गया है। लगातार बारिश से शहर के नाले उफान पर हैं, जबकि इंदिरा सागर बांध के निकट किल्लौद क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। किल्लौद ब्लॉक के कई गांवों में नदी-नाले उफान पर आने से पुल और पुलियाएं डूब गईं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हुआ है। खिरकिया और हरसूद मार्ग पर भी आवागमन बाधित होने की सूचना है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।शहरी क्षेत्र में भी कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। तुलसी स्टेट सहित कई कॉलोनियों में बारिश का पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्यप्रदेश में पूरी तरह सक्रिय हो गया है। छत्तीसगढ़ की ओर से लगातार नमी वाले बादल आने के कारण अगले दो दिनों तक जिले में अच्छी बारिश की संभावना है। इसके बाद वर्षा की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है। इधर, किसानों के लिए चिंता की बात यह है कि कृषि विज्ञान केंद्र में संचालित जिला कृषि मौसम इकाई मार्च 2026 से बंद है। इसके कारण किसानों को 48 घंटे पहले मिलने वाला मौसम पूर्वानुमान, फसल प्रबंधन और कृषि सलाह नहीं मिल पा रही है।भारतीय किसान संघ ने मौसम इकाई को दोबारा शुरू करने की मांग करते हुए कहा है कि आकाशीय बिजली और मौसम की समय पर जानकारी नहीं मिलने से किसानों का जोखिम बढ़ गया है। वहीं प्रशासन का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही मौसम इकाई के संचालन पर आगे निर्णय लिया जाएगा।
