बदरीनाथ, अयोध्या के बाद अब उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम में भी चढ़ावे और दान में धांधली के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इन खबरों के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने मामले का संज्ञान लिया है। समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने घटना की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है और आरोपित कर्मचारियों से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है।
CCTV फुटेज और सबूतों की जांच
मंदिर समिति के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि 2 जुलाई से प्रसारित शिकायतों और वीडियो की तकनीकी बारीकी से जांच की जा रही है। मंदिर परिसर में लगे CCTV फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि दान-पुण्य में हुई कथित गड़बड़ी का सच सामने आ सके। हालांकि शुरुआती फुटेज में स्पष्टता की कमी के बावजूद, समिति हर संभव सबूत और बयान के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है।
दोषियों पर 1939 के अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई
मंदिर प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि जांच में भ्रष्टाचार या वित्तीय अनियमितता सिद्ध होती है, तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन पर श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अधिनियम, 1939 और विभागीय नियमावली के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि आरोपित व्यक्ति उनका निजी सचिव नहीं है, बल्कि एक नियमित कर्मचारी है। समिति ने भक्तों से संयम बरतने और भ्रामक खबरों से दूर रहने की अपील की है।

