इंदौर:चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी की जमानत फिलहाल बरकरार रहेगी. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मेघालय हाईकोर्ट के जमानत आदेश पर तत्काल रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा कि आदेश पर कुछ आपत्तियां जरूर हैं, लेकिन आरोपी पहले ही जेल से रिहा हो चुकी है. ऐसे में इस स्तर पर जमानत पर रोक नहीं लगाई जाएगी. हालांकि अदालत ने मेघालय सरकार की चुनौती याचिका पर नोटिस जारी कर मामले की सुनवाई स्वीकार कर ली है.
सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए कहा कि यह सुनियोजित हत्या का मामला है. आरोप है कि मुख्य आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर पति की हत्या कर शव खाई में फेंक दिया था और बाद में फरार हो गई थी. सरकार की ओर से यह भी दलील दी गई कि गिरफ्तारी दस्तावेज में हत्या की धारा की जगह दूसरी धारा अंकित होना महज टाइपिंग की त्रुटि थी. मजिस्ट्रेट के समक्ष गिरफ्तारी के आधार स्पष्ट किए जा चुके थे, इसलिए केवल इस तकनीकी गलती के आधार पर जमानत देना उचित नहीं था.
सुनवाई के दौरान अवकाशकालीन पीठ ने बचाव पक्ष से सवाल किया कि यदि गिरफ्तारी के आधार नहीं बताए थे तो शुरुआती जमानत याचिकाओं में यह मुद्दा क्यों नहीं उठाया गया. अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि केवल गलत धारा लिखे जाने के आधार पर जमानत देने के हाईकोर्ट के फैसले पर सवाल उठते हैं. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि आरोपी अभी तक रिहा नहीं हुई होती तो जमानत पर रोक लगाने पर विचार किया जा सकता था. फिलहाल जमानत बरकरार रहेगी, जबकि मामले की विस्तृत सुनवाई आगे की जाएगी. साथ ही अदालत ने कहा कि राज्य सरकार कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है
