
बालाघाट, जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच जिला प्रशासन की तत्पपरता से किरनापुर तहसील में पुलिस, एसडीआरएफ और हॉक फोर्स की मुस्तैदी ने एक बड़ा हादसा टाल दिया। देव नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से दूसरी ओर फंसे 16 ग्रामीणों को संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर सकुशल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
किरनापुर तहसील के गोदरी चौकी अंतर्गत ग्राम भगतपुर के 16 ग्रामीण शुक्रवार सुबह ट्रैक्टर से देव नदी पार कर ग्राम भानपुर धान की खेती के कार्य के लिए पहुंचे थे। भानपुर में भले ही कुछ ही परिवार निवास करते हैं, लेकिन आसपास के ग्रामीणों की खेती वहां स्थित है। सुबह नदी का जलस्तर सामान्य होने के कारण ग्रामीण आसानी से नदी पार कर गए थे, लेकिन रातभर हुई भारी बारिश के बाद देव नदी उफान पर आ गई और सभी ग्रामीण दूसरी ओर फंस गए।
घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने तत्काल एसडीएम श्री गोपाल सोनी को पुलिस, होमगार्ड और एसडीआरएफ के साथ राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। इसके बाद थाना किरनापुर एवं हट्टा पुलिस ने एसडीआरएफ तथा हॉक फोर्स गोदरी के साथ संयुक्त अभियान चलाया। तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू टीम ने साहस, सूझबूझ और बेहतर समन्वय का परिचय देते हुए सभी 16 ग्रामीणों तक पहुंच बनाई। अभियान के दौरान सभी ग्रामीणों को सुरक्षित निकालकर सकुशल सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया। समय पर हुई कार्रवाई के चलते किसी प्रकार की जनहानि या अप्रिय घटना नहीं हुई।
जिला प्रशासन ने इस घटना के बाद नागरिकों से अपील की है कि वर्षाकाल में खेतों में जाने से पहले मौसम और नदी-नालों के जलस्तर की जानकारी अवश्य लें। तेज बारिश के दौरान नदी, नाले, पुल-पुलियों अथवा जलमग्न मार्गों को पार करने का प्रयास न करें। प्रशासन द्वारा बाढ़ की स्थिति में जलमग्न पुल-पुलियों पर बैरिकेडिंग कर आवागमन रोकने की व्यवस्था की जा रही है। आमजन से भी इस व्यवस्था में सहयोग करने और अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया गया है।
प्रशासन ने कहा है कि जीवन अनमोल है। थोड़ी सी सावधानी बड़े हादसों को टाल सकती है, इसलिए बारिश के मौसम में किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने से बचें।
