एर्नाकुलम, अदन की खाड़ी में समुद्री डाकुओं द्वारा व्यापारी जहाज ‘एमवी गोल्डन आर्सेनल’ पर किए गए हमले की कोशिश को भारतीय नौसेना ने विफल कर दिया है। 1 जुलाई को जिबूती के पास हुई इस घटना की सूचना मिलते ही आईएनएस त्रिकंद को बचाव के लिए तैनात किया गया। जहाज पर सवार 21 क्रू सदस्यों ने समय रहते सुरक्षित ‘सिटाडेल’ कम्पार्टमेंट में शरण ली, जिससे सभी सुरक्षित रहे और कोई जनहानि नहीं हुई।
कमांडो ऑपरेशन और सुरक्षा जांच
2 जुलाई की सुबह आईएनएस त्रिकंद की स्पेशल कमांडो टीम ने जहाज की तलाशी ली, जिससे यह पुष्टि हुई कि समुद्री डाकू वहां से भाग चुके हैं। नौसेना ने सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए इलाके में एक अत्याधुनिक पी-8I मैरीटाइम सर्विलांस एयरक्राफ्ट भी तैनात किया। गहन निरीक्षण के बाद यह सुनिश्चित किया गया कि जहाज पूरी तरह सुरक्षित है और अपनी आगे की यात्रा जारी रखने के लिए तैयार है।
समुद्री सुरक्षा में भारत की अहम भूमिका
सफलतापूर्वक बचाव ऑपरेशन के बाद जहाज अपनी मंजिल की ओर रवाना हो गया है। इस घटना ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन की सुरक्षा और समुद्री डकैती के खतरों से निपटने में भारतीय नौसेना की सक्रियता और क्षमता को सिद्ध किया है। रक्षा प्रवक्ता ने दोहराया कि भारतीय नौसेना अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमाओं पर सभी नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हमेशा तत्पर और प्रतिबद्ध है।

