आमला:पुलिस ने कुड़मुड नदी के पास मिले अज्ञात शव के मामले का खुलासा करते हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि खेती करने और पैसों को लेकर चल रहे विवाद के कारण बेटे ने अपनी मां के साथ मिलकर पिता की गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को नदी के सूखे हिस्से में छिपा दिया गया और पुलिस को गुमराह करने के लिए मां ने पति की झूठी गुमशुदगी भी दर्ज करा दी।पुलिस अधीक्षक बैतूल वीरेन्द्र जैन के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे एवं एसडीओपी आमला के मार्गदर्शन में थाना आमला पुलिस ने मामले की वैज्ञानिक तरीके से जांच की। 25 जून को आमला क्षेत्र की कुड़मुड नदी की सूखी पुलिया के पास एक अज्ञात शव मिला था। बाद में उसकी पहचान ग्राम शंभुढाना बड़ाखारी निवासी लब्बू यादव के रूप में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण गला घोंटना पाए जाने के बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच शुरू की।
माँ – बेटे रे ही रची थी हत्या की साजिश
जांच में पता चला कि मृतक का पुत्र संदीप यादव खेती करने, खर्च के लिए पैसे नहीं मिलने तथा घरेलू विवादों को लेकर अपने पिता से नाराज था। आरोप है कि उसने अपनी मां सुनीता यादव के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। 22-23 जून की दरम्यानी रात रेलवे स्टेशन से लौटते समय संदीप ने गमछे से पिता का गला घोंट दिया और शव को कुड़मुड नदी के सूखे हिस्से में ले जाकर छिपा दिया।
पुलिस के अनुसार, घटना की जानकारी होने के बावजूद सुनीता यादव ने अपने पुत्र का साथ दिया, साक्ष्य छिपाने में मदद की तथा बाद में थाना बोरदेही में पति की झूठी गुमशुदगी दर्ज कराकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। जांच में यह भी सामने आया कि वह अपने पुत्र को मृतक के खिलाफ लगातार उकसाती रही थी।
इन धाराओं में अपराध पंजीबद्ध हुआ
साक्ष्यों के आधार पर थाना आमला में अपराध क्रमांक 277/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 238(ए) एवं 3(5) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर आरोपी मां-बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। इस अंधे हत्याकांड के खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश ठाकुर के नेतृत्व में उपनिरीक्षक बलराम यादव, सहायक उपनिरीक्षक मूलचंद अनंत तथा थाना आमला की पुलिस टीम ने वैज्ञानिक जांच, साक्ष्यों के सूक्ष्म विश्लेषण और गहन विवेचना के आधार पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
