दोहा, 19 मार्च (वार्ता) कतर ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष से संपर्क कर अपने क्षेत्र पर जारी ईरानी हमलों के कारण अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता के लिए ‘राष्ट्रीय संप्रभुता के घोर उल्लंघन और सीधे खतरे’ के रूप में वर्णित चिंताओं को उठाया है। संयुक्त राष्ट्र को भेजा गया कतर का यह नवां पत्र है। इस पत्र में कतर ने कहा है कि कथित कार्रवाई उसकी संप्रभुता का ‘घोर उल्लंघन’ हैं और उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा तथा क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सीधे खतरा पैदा करती हैं। यह पत्र संयुक्त राष्ट्र में कतर की स्थायी प्रतिनिधि शेखा आलिया अहमद बिन सैफ अल-थानी ने पेश किया है।
पत्र के अनुसार, कतर की वायु रक्षा प्रणालियों ने 28 फरवरी से 16 मार्च के बीच कई दुश्मन हवाई लक्ष्यों को रोका। इसमें यह भी बताया गया कि इन घटनाओं के परिणामस्वरूप नागरिक घायल हुए हैं, हालांकि हताहतों के विवरण पर अधिक जानकारी तुरंत प्रदान नहीं की गयी है।
पत्र में इस बात पर जोर दिया गया कि ईरान के ये हमले सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 (2026) को अपनाये जाने के बाद भी जारी रहे। इस प्रस्ताव का 136 देशों ने समर्थन किया था। इसमें कतर और पड़ोसी देशों पर ईरान के जघन्य हमलों की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा की गयी थी और ऐसे सभी हमलों को तुरंत रोकने की मांग की गयी थी। खाड़ी देश ने अपने इस रुख को दोहराया कि वह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखता है, जो सशस्त्र आक्रामकता की स्थिति में आत्मरक्षा की अनुमति देता है। इसने इस अधिकार की पुष्टि के रूप में सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का भी संदर्भ दिया। कतर ने आगे कहा कि नुकसान का आकलन अभी जारी है। ताजा जानकारी उपलब्ध होने पर और अपडेट साझा किये जायेंगे। कतर ने अनुरोध किया है कि उसके पत्र को सुरक्षा परिषद के एक आधिकारिक दस्तावेज के रूप में प्रसारित किया जाए।

