नई दिल्ली | महिला आरक्षण संशोधन बिल पर आज संसद के विशेष सत्र में एक निर्णायक बहस का आगाज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर 3 बजे लोकसभा में इस ऐतिहासिक बिल पर सरकार का पक्ष रखेंगे, जबकि चर्चा का समापन और विपक्ष के सवालों का जवाब गृह मंत्री अमित शाह देंगे। सदन में इस मुद्दे पर 16 और 17 अप्रैल को कुल 18 घंटे की चर्चा निर्धारित की गई है, जिसके बाद कल शाम 4 बजे मतदान होने की संभावना है। इस बिल को नारी शक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार का एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस महत्वपूर्ण बहस के लिए दोनों प्रमुख दलों ने अपने प्रखर वक्ताओं की सूची जारी कर दी है। कांग्रेस की ओर से प्रियंका गांधी कमान संभालेंगी, उनके साथ गौरव गोगोई और मनीष तिवारी जैसे नेता मोर्चा संभालेंगे। वहीं, भारतीय जनता पार्टी की ओर से महिला सशक्तिकरण का चेहरा बनकर कंगना रनौत, बांसुरी स्वराज और रक्षा खडसे सदन को संबोधित करेंगी। दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस की सूची में राहुल गांधी का नाम शामिल नहीं है, जिससे यह साफ है कि पार्टी इस मुद्दे पर महिला नेतृत्व को आगे रखकर अपना पक्ष मजबूती से रखना चाहती है।
भले ही राजनीतिक दल महिला आरक्षण के समर्थन में दिख रहे हों, लेकिन बिल की बारीकियों पर विपक्ष ने गंभीर सवाल उठाए हैं। मुख्य विवाद लोकसभा सीटों की संख्या को बढ़ाकर 850 करने के प्रस्ताव और परिसीमन के अस्पष्ट फॉर्मूले को लेकर है। विपक्षी दलों का आरोप है कि 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों का पुनर्वितरण करने की योजना में पारदर्शिता की कमी है। सरकार इस विस्तार को महिला प्रतिनिधित्व के लिए जरूरी बता रही है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक लाभ से जोड़कर देख रहा है। अगले दो दिन संसद में इस मुद्दे पर जबरदस्त राजनीतिक सरगर्मी रहने वाली है।

