
छिन्दवाड़ा. संकट में सांसद को पदयात्रा याद आती है। जब-जब छिंदवाड़ा पर संकट आता है तब-तब स्थानीय सांसद पदयात्रा के बहाने पलायन कर जाते हैं। कहने को ये सांसद हैं, लेकिन सांसद से अधिक पदयात्री और जिम्मेदारियों से भागने वाले सांसद है। जिला मुख्यालय के नागरिक बूंद-बूंद पानी को तरस रहे। पहले महापौर ने जंगल सफारी का आनंद लिया अब सांसद पदयात्रा के बहाने जिले भाग रहे। किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल रही। फासलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। इन समस्याओं का निदान करने की बजाए पदयात्रा के बहाने अपनी नैतिक जिम्मेदारियों से पीछा छुड़ा रहे। केन्द्र से लेकर राज्य तक और संसदीय क्षेत्र तक भाजपा की सरकार है। आयोजित वार्ता को सम्बोधित करते हुए कांग्रेस के वक्ताओं ने कहा कि पिछले दो साल में सांसद जिला मुख्यालय पर पेयजल के पुख्ता इंतजाम नहीं करवा पाए। किसानों को पर्याप्त खाद नहीं दिलवा पाए। मक्का सहित अन्य उपज का उचित दाम नहीं दिलवा पाए। सड़कों पर उभरे गड्डे नहीं भरवा पाए। प्रश्न यह उठ रहा है कि क्या तीन इंजन और बड़ी-बड़ी बातें और झूठी घोषणाएं सिर्फ सत्ता की प्राप्ति के लिए थी। जल संकट की आहट मार्च और अप्रैल से आ चुकी थी, लेकिन ना तो महापौर जागे ना ही सांसद कांग्रेस के पार्षदगणों ने समस्या से अवगत भी कराया लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया, अब महापौर फोटो खिंचवाने के लिए कन्हरगांव डैम जा रहे हैं। आयोजित पत्रकार वार्ता को गंगाप्रसाद तिवारी, गोविंद राय, सुरेश कपाले, गुरूचरण खरे, मनीष पांडे, धर्मेन्द्र सोनू मागो व नितिन उपाध्याय ने सम्बोधित किया।
सांसद मुख्यमंत्री पर लगाए आरोप ०००००००
कांग्रेस पदाधिकारियों ने प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि छिन्दवाड़ा में सांसद जमीन खरीदी फरोख्त में जुटे हैं और प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री जमीन खरीदने में व्यस्त है। जनता और जनहितैषी योजनाएं सब भगवान भरोसे हैं। ये वे लोग हैं जिन्होंने जनता को छोडिए भगवान को भी नहीं छोड़ा। अयोध्या स्थित प्रभु श्रीराम के मंदिर से दान-चढ़ावे की चोरी कोई सामान्य घटना नहीं है। मंदिर से अभी तक 7.05 करोड़ की चोरी सामने आ चुकी है और यह 200 करोड़ तक पहुंचेगी। प्रकरण में सिर्फ 8 लोगों को आरोपित माना गया है, ये सभी छोटे पदाधिकारी है, भाजपा से जुड़े हुए बड़े लोग अभी पूरी तरह से सुरक्षित है जिनके इशारों पर मंदिर में चोरी हुई है। जनता पानी के साथ ही महंगाई,बेरोजगारी, बढ़ते अपराध, बिगड़ी स्वास्थ्य व्यवस्था से हर दिन जूझ रही यहां भाजपा का ध्यान नहीं हैं।
भाजपा ने हमेशा ही सौतेला व्यवहार किया ०००००
भाजपा ने हमेशा ही छिंदवाड़ा. के साथ सौतेला व्यवहार किया है। कमलनाथ व नकुलनाथ ने वर्ष 2018 में सरकार बनने पर छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल कॉलेज साइंस में कार्डियक सेंटर एवं सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल स्वीकृत किया गया था। वर्ष 2019-20 में निर्माण कार्य प्रारंभ कराया। भाजपा सरकार ने काम बंद करा दिया और अक्टूबर 2021 में राशि घटाकर 665 कर दिया। कृषि महाविद्यालय छिंदवाड़ा के लिए 104. 54 करोड रुपए एवं उद्यानिकी महाविद्यालय छिंदवाड़ा के लिए 101.09 करोड रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी हुई थी। भाजपा सरकार ने छिंदवाड़ा के कृषि महाविद्यालय उद्यानिकी महाविद्यालय का काम शुरू नहीं कराया और ना ही राशि जारी की और जो टेंडर किए गए थे उन्हें भी समाप्त कर दिया। साथ कई योजनाओं कांग्रेस सरकार द्वारा छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय की स्थापना की गई। विश्वविद्यालय का काम प्रारंभ नहीं किया। कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2019 में छिन्दवाड़ा मुख्यालय पर मॉडल स्कूल स्थापित करने की स्वीकृति दी थी। मॉडल स्कूल का निर्माण कार्य बंद पड़ा है। साथ ही कई निर्माण कार्य और योजनाए भाजपा सरकार ने बंद कर दी।
