नयी दिल्ली, 01 जुलाई (वार्ता) इस्पात मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम मेटलर्जिकल एंड इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स (इंडिया) लिमिटेड (मेकॉन) को मिनीरत्न श्रेणी-प्रथम का दर्जा देने का फैसला किया गया है।
यह निर्णय कंपनी को कारोबार की अधिक स्वायत्तता और परिचालन लचीलापन प्रदान करके उसे सशक्त बनाने के प्रति सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता के अनुरूप बताया गया है। इससे कंपनी की दक्षता और प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार होने की उम्मीद है।
इस्पात मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार मेकॉन ने हाल के वर्षों में महत्वपूर्ण वित्तीय उपलब्धियां हासिल की हैं। कंपनी ने वित्त वर्ष 2023-24 में 77.62 करोड़ रुपये, 2024-25 में 32.08 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2025-26 में 104.53 करोड़ रुपये का कर-पूर्व लाभ (पीबीटी) दर्ज किया है। कंपनी की शुद्ध परिसम्पत्ति 31 मार्च 2026 की स्थिति के अनुसार 535.42 करोड़ रुपये है।यह सार्वजनिक उद्यम विभाग (डीपीई) द्वारा मिनीरत्न श्रेणी-प्रथम का दर्जा प्राप्त करने के लिए निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करती है।
मिनीरत्न श्रेणी-प्रथम का दर्जा मिलने से मेकॉन लिमिटेड के बोर्ड को वित्तीय और परिचालन संबंधी स्वायत्तता में वृद्धि प्राप्त हुई है। शक्तियों के इस बढ़े हुए प्रत्यायोजन से कंपनी को निवेश, आधुनिकीकरण पहल, तकनीकी उन्नयन और व्यापार विस्तार परियोजनाओं को अधिक लचीलेपन और गति के साथ क्रियान्वित करने में मदद मिलेगी, जिससे इसके भविष्य के विकास पथ को बल मिलेगा।
वर्ष 1959 में स्थापित मेकॉन लिमिटेड का मुख्यालय रांची में है। यह देश की प्रमुख इंजीनियरिंग, परामर्श, परियोजना प्रबंधन और ठेका देने वाली कंपनियों में से एक है। कंपनी ने देश के इस्पात क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कंपनी ने खनन, अवसंरचना, बिजली, तेल एवं गैस तथा अर्थव्यवस्था के अन्य प्रमुख क्षेत्रों में अपने परिचालन का विस्तार किया है।
