नई दिल्ली। लगातार हो रही बारिश, उफनती नदियों और बेहद कठिन परिस्थितियों के बीच भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने दमन, दादरा एवं नगर हवेली तथा दक्षिण गुजरात में व्यापक मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) और खोज एवं बचाव (एसएआर) अभियान चलाकर 170 लोगों की जान बचाई। स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय में भारतीय तटरक्षक बल की आपदा राहत टीमों (डीआरटी) और हेलीकॉप्टरों ने 22 जुलाई 2026 की मध्यरात्रि से अब तक 11 राहत एवं बचाव अभियान सफलतापूर्वक संचालित किए।
भारतीय तटरक्षक बल की आपदा राहत टीमों ने जलमग्न इलाकों में पैदल पहुंचकर, तेज बहाव वाले बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों को पार करते हुए और सड़क संपर्क पूरी तरह कट चुके स्थानों तक पहुंचकर दिन-रात राहत अभियान चलाया। वहीं, तटरक्षक बल के हेलीकॉप्टरों ने अलग-थलग पड़े और गंभीर रूप से जलमग्न क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालने में अहम भूमिका निभाई।
राहत अभियान की शुरुआत 22 और 23 जुलाई की रात सिलवासा के खानवेल क्षेत्र से पांच फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने से हुई। इसके बाद कडैया तटीय क्षेत्र में बाढ़ग्रस्त नदी किनारे फंसे तीन मछुआरों को बचाया गया। 23 और 24 जुलाई की रात वेलस्पन इंडस्ट्रियल एरिया में सड़क संपर्क पूरी तरह टूट जाने के बावजूद वहां फंसे 60 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जो इस अभियान का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन रहा।
इसके अलावा एयरो फाइबर प्राइवेट लिमिटेड के पास बाढ़ के पानी में फंसी बस से सात लोगों को बचाया गया। डोंगरी क्षेत्र से 10 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि वलसाड-पारडी क्षेत्र से चार लोगों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से एयरलिफ्ट किया गया। रातभर चले अभियान में रिलायंस इंडस्ट्रीज क्षेत्र से भी आठ लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
एक अन्य महत्वपूर्ण अभियान में अवध सोसाइटी क्षेत्र से 10 लोगों को बचाया गया, जिनमें नौ माह की गर्भवती महिला और सांस लेने में तकलीफ से जूझ रही एक महिला भी शामिल थीं। 24 जुलाई को भारतीय तटरक्षक बल के दो हेलीकॉप्टरों ने नवसारी जिले के मेंदर गांव से 33 लोगों को एयरलिफ्ट किया। इनमें सीने में तेज दर्द से पीड़ित एक व्यक्ति भी शामिल था, जिसे समय पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई।
भारतीय तटरक्षक बल ने कहा कि यह अभियान उसकी त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता, परिचालन तत्परता और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान मानव जीवन की रक्षा के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। लगातार बारिश, तेज जलधारा और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद तटरक्षक बल के जवान बिना रुके राहत कार्य में जुटे रहे और राष्ट्र सेवा के अपने संकल्प को दोहराया।
तटरक्षक बल ने स्पष्ट किया कि वह नागरिक प्रशासन को हर संभव सहयोग देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और बाढ़ की मौजूदा स्थिति को देखते हुए किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए उच्च स्तर की तैयारियां बनाए रखेगा।
