
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने बहुचर्चित आरटीओ भ्रष्टाचार व मनी लान्ड्रिंग मामले के आरोपी पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की 60 दिन की अस्थायी जमानत अर्जी पर अपना आदेश सुरक्षित कर लिया है। न्यायालय ने बुधवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उक्त निर्देश दिये।
दरअसल सौरभ शर्मा ने पत्नी की प्रस्तावित सर्जरी और दो नाबालिग बच्चों की देखभाल का हवाला देते हुए 60 दिन की अस्थायी जमानत मांगी है। याचिका में कहा गया है कि पत्नी दिव्या तिवारी को नाक संबंधी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हैं और आपरेशन के दौरान उनकी देखभाल के लिए पति की उपस्थिति आवश्यक है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले जिला अदालत और हाईकोर्ट दोनों उसकी नियमित जमानत अर्जियां निरस्त कर चुके हैं। वहीं, जांच एजेंसियों का कहना है कि सौरभ शर्मा से जुड़े आर्थिक नेटवर्क में कई रिश्तेदार और सहयोगी शामिल रहे हैं। ऐसे में परिवार की देखभाल के लिए अन्य किसी व्यक्ति के उपलब्ध न होने के दावे पर भी सवाल उठ रहे हैं। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है।
