
ब्यावरा/सारंगपुर/राजगढ़। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि हमारे पूर्वजों ने जल के महत्व को समझा और निरंतर जल संरचनाओं का निर्माण किया.आज हमारा दायित्व है कि हम उन सब का संरक्षण करें एवं उन्हें सहेजें. वे राजगढ़ जिले के भैंसवा माता क्षेत्र में प्रदेश में चलाए गए जल गंगा संवर्धन अभियान के तीसरे चरण के समापन कार्यक्रम में बोल रहे थे.
आपने कहा कि जल से ही प्रकृति का उद्भव और जीवन का विकास है. सबसे पहले पृथ्वी पर जलचर आए, जल से ही जीवन है, जल तत्व में सभी तत्व समाहित हैं. हम जब जल संरचनाओं को देखते हैं तो हमारा मन आनंद से भर जाता है. जल संरक्षण और संवर्धन अभियान के तहत मप्र में विगत 100 दिनों में 10 हजार 514 करोड़ की लागत से 3 लाख 63 हजार कार्य कराए गए. इन कार्यों में भरपूर जन समर्थन एवं जन सहयोग मिला है.
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि का आधार सिंचाई की सुविधा है. गत 20 वर्षों में हमारी सरकारों ने प्रदेश में सिंचाई के रकबे में तेजी से वृद्धि की है. समारोह में प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल, सांसद रोडमल नागर, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, विधायक नरसिंहगढ़ मोहन शर्मा, विधायक राजगढ़ अमर सिंह यादव, विधायक खिलचीपुर, हजारीलाल दांगी, भाजपा जिला अध्याक्ष ज्ञानसिंह गुर्जर, भोपाल संभाग आयुक्त कर्मवीर शर्मा, कलेक्टर डॉ गिरीश कुमार मिश्रा आदि मौजूद थे.
प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ यादव ने राजगढ़ जिले के सारंगपुर विकासखण्ड में प्रसिद्ध भैंसवा माता मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की. इस मौके पर कुल 352 करोड़ 65 लाख रूपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया. सीएम ने भैंसवा माता लोक के विकास, निर्माण और सौंदर्गीकरण के लिए 20 करोड़ रूपये सहित कई विकास कार्यो की घोषणा की.
