राजस्थान विधानसभा में वन एवं पर्यावरण विभाग की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित

जयपुर, 24 फरवरी (वार्ता) राजस्थान विधानसभा में बजट सत्र में सोमवार रात वन एवं पर्यावरण विभाग की 18 अरब 75 करोड़ 26 लाख 67 हजार रूपए की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित कर दी गई।

इससे पहले वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा ने विभाग की अनुदान मांगों पर हुई बहस का जवाब देते हुए आश्वासन दिया कि राज्य की अर्थव्यवस्था, कृषि और पर्यावरण की जीवनरेखा अरावली के संरक्षण के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से संकल्पबद्ध है। इस वर्ष के बजट में अरावली में पौधारोपण, उसके संरक्षण और अरावली से निकलने वाले नदियों के सोर्स के बेहतर रखरखाव के लिए 130 करोड़ रूपये का बजट आवंटन किया गया है। गत पांच जून को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अरावली संरक्षण से सम्बंधित विशेष परियोजना का शुभारम्भ किया है।

श्री शर्मा ने बताया कि राजस्थान को देश का प्रथम प्रदूषणमुक्त ग्रीन स्टेट बनाने के लिए सरकार, समाज और उद्योग जगत को मिलकर प्रयास करना होगा और अब तक किए प्रयास उत्साह बढ़ाने वाले हैं। राज्य में गत दो साल में हरियालो राजस्थान के अन्तर्गत मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महाअभियान में 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य था लेकिन सरकार और समाज के समन्वित प्रयास के चलते 18 करोड़ 54 लाख पौधे लगाए गए। इसी प्रकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में वर्ष 2024-25 में लक्ष्य 3 करोड़ के मुकाबले 7.34 करोड़ व 2025-26 में लक्ष्य 1.8 करोड़ के मुकाबले 8.37 करोड़ पौधे लगाए गए।

श्री शर्मा ने राज्य के प्रत्येक जिले में दो श्रीराम वाटिका विकसित करने, शाहपुरा (जयपुर) में भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी की आदमकद प्रतिमा लगाने, राजस्थान वानिकी एवं वन्यजीव प्रशिक्षण संस्थान की अलवर शाखा द्वारा युवाओं को नेचर गाइड का प्रशिक्षण दिए जाने, ‘एक जिला-एक प्रजाति’ कार्यक्रम के तहत प्रत्येक जिले के लिए निर्धारित प्रजाति का बीज वन स्थापित करने, वन विभाग में मुख्यालय स्तर पर वन एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए एक नवीन जी.आई.एस. सेन्टर की स्थापना, फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले जंगली सूअरों को मारने के संबंध में अब संपूर्ण प्रदेश में आदेश लागू किए जाने, बाघ परियोजना क्षेत्र में कार्यरत अधीनस्थ सेवा के प्रत्येक संवर्ग के एक कर्मचारी को प्रत्येक वर्ष प्रशंसनीय कार्य करने पर राज्य स्तर पर पुरस्कृत किए जाने, वन विभाग में कार्यरत फील्ड स्टाफ को दूरस्थ एवं दुर्गम वन क्षेत्रों में गश्त एवं सतत निगरानी के लिए इसी वित्तीय वर्ष में 460 मोटर साइकिलें उपलब्ध कराए जाने, वन एवं वन्य जीवों की सुरक्षा एवं वन अपराधों की रोकथाम के लिए क्षेत्रीय वन अधिकारी एवं वनपाल को ग्लोव पिस्टल तथा प्रत्येक नाके पर 2 एस.एल.आर. राइफल इसी वित्तीय वर्ष में दिए जाने की घोषणा की।

उन्होंने रेंज ऑफिसर्स को 202 वाहन बोलेरो या बोलेरो कैम्पर उपलब्ध कराने, मानव वन्यजीव संघर्ष में वन्यजीवों द्वारा जनहानि होने पर मुआवजा राशि 10 लाख रूपये किए जाने की घोषणा की। साथ ही, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, अलवर में रैपिड रेस्पांस टीम का गठन एवं वन्यजीवों के रेस्क्यू के लिए प्रत्येक जिले को 90 लाख रूपये का आवंटन किया गया है। इसमें टीम को एक-एक वाहन एवं आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने पर्यावरण विभाग से संबंधित घोषणाएं भी की। इसमें राज्य में सर्कुलर इकॉनोमी पॉलिसी, ई-वेस्ट कंडमनेशन पॉलिसी लाए जाने की घोषणा की। साथ ही, प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने और उद्योगों को सेल्फ कॉमप्लाएंट बनाने के लिए प्रेरित करने के उददेश्य से रिवॉर्ड स्कीम लाई जाएगी। जयपुर स्थित राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की राज्य जल एवं वायु प्रयोगशाला में पेस्टीसाइट की जांच के लिए आधुनिक सुविधा की विकसित की जाएगी।

 

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