
बर्लिन में चीन के खिलाफ 2-3 की हार के बाद भारत तालिका में सबसे नीचे रहा; सुनलिता टोप्पो और रुतुजा पिसाल ने दागे गोल, लेकिन खराब पेनाल्टी कॉर्नर डिफेंस पड़ा भारी।
बर्लिन, 30 जून (नवभारत): भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए FIH प्रो लीग 2024-25 का अभियान बेहद निराशाजनक रहा। टीम ने अपने आखिरी मैच में चीन के हाथों 2-3 से हार का सामना किया, जो टूर्नामेंट में उनकी लगातार आठवीं हार थी। इस हार के साथ ही भारत ने तालिका में सबसे निचले नौवें स्थान पर रहकर लीग से रेलिगेट होने की पुष्टि कर दी है। अब भारतीय टीम को अगले सीजन में FIH नेशंस कप, जो कि एक निचला-स्तरीय टूर्नामेंट है, में खेलना होगा ताकि वे वापस प्रो लीग में पदोन्नति हासिल कर सकें।
बर्लिन में खेले गए इस मुकाबले में, भारत की ओर से सुनलिता टोप्पो (9वें मिनट) और रुतुजा दादासो पिसाल (38वें मिनट) ने गोल दागे, लेकिन ये गोल टीम को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं थे। चीन की ओर से झांग यिंग ने दो बार पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदला (19वें और 39वें मिनट में), जबकि जू वेनयु ने 53वें मिनट में निर्णायक गोल कर अपनी टीम को जीत दिलाई। भारतीय टीम ने मैच में लड़ने का जज्बा दिखाया और कुछ अच्छे आक्रमण भी किए, लेकिन खराब पेनाल्टी कॉर्नर डिफेंस एक बार फिर उनकी हार का प्रमुख कारण साबित हुआ। भारत ने इस सीजन में कुल 16 मैच खेले, जिनमें से सिर्फ दो में जीत हासिल की, तीन मैच ड्रॉ रहे, जबकि उन्हें 11 मैचों में हार का सामना करना पड़ा। टीम ने कुल 10 अंकों के साथ अभियान समाप्त किया।
एफआईएच नेशंस कप 2022 जीतकर प्रो लीग में मिली थी जगह, अब वापसी के लिए फिर करना होगा संघर्ष
भारतीय महिला हॉकी टीम ने FIH प्रो लीग में अपनी जगह 2022 में inaugural FIH नेशंस कप जीतकर बनाई थी, जहां उन्होंने फाइनल में स्पेन को 1-0 से हराया था। 2023-24 के अपने डेब्यू सीजन में भी टीम आठवें स्थान पर रही थी।
इस निराशाजनक प्रदर्शन के बाद, भारतीय टीम को अब अपनी कमजोरियों पर काम करना होगा और FIH नेशंस कप में अच्छा प्रदर्शन करना होगा ताकि वे 2026-27 सीजन के लिए वापस प्रो लीग में लौट सकें। टीम अब आने वाले विश्व कप क्वालीफायर और FIH नेशंस कप की तैयारी करेगी।
